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Success Story: बिहार की बेटी ने लंदन में बढ़ाया भारत का मान, ब्रिटिश पार्लियामेंट में हासिल किया यह बड़ा खिताब

Success Story: एक ऐसा भी समय था जब भारत में ब्रिटिश हुकूमत का राज था और भारतीय अंग्रेजों के गुलाम थे, लेकिन आज हालात इतने बदल गए हैं कि एक आम भारतीय लंदन में भारत का परचम लहरा रहा है.

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Mar 29, 2025, 2:21:22 PM

Success Story

सफलता की कहानी - फ़ोटो google

Success Story: एक ऐसा भी समय था जब भारत में ब्रिटिश हुकूमत का राज था और भारतीय अंग्रेजों के गुलाम थे, लेकिन आज हालात इतने बदल गए हैं कि एक आम भारतीय लंदन में भारत का परचम लहरा रहा है। भारत के बाहर अपनी कला, संस्कृति और सामाजिक कार्यों में उत्कृष्ट योगदान देने के लिए पूर्णिया की बेटी, अर्पिता ठाकुर को यूनाइटेड किंगडम में इंस्पायरिंग इंडियन वीमेन (IIW) संस्था द्वारा सम्मानित किया गया है। 


बता दें कि यह सम्मान उन्हें 'ब्राइट आर्टिस्ट' के खिताब के रूप में मिला है, जो कला, संगीत, ड्रामा और क्रिएटिव मीडिया के क्षेत्र में बेहतरीन कार्यों के लिए दिया जाता है। वहीं, अर्पिता को यह अवार्ड ब्रिटिश पार्लियामेंट, लंदन (यूके) में आयोजित "आईआईडब्लू शी इंस्पायर्स 2025" समारोह के दौरान मिला। उन्हें यह सम्मान विशेष रूप से भारत से बाहर अपनी संस्कृति, भाषा और सामाजिक सेवा में उत्कृष्ट योगदान के लिए दिया गया। 


अर्पिता ठाकुर को यूके की धर्मा दुबे स्पेशल अवार्ड के तहत यह सम्मान 40 प्लस उम्र वर्ग में मिला है। इस अवसर पर उन्हें ब्रिटिश सांसद और पद्मश्री सम्मानित बॉब ब्लैकमैन के हाथों यह पुरस्कार प्राप्त हुआ। अर्पिता के सम्मान से उनके परिवार, विशेषकर पूर्णिया के शिवाजी कॉलोनी और बेगूसराय स्थित ससुराल में खुशी का माहौल है। इनके भाई, रमेन्द्र झा ने बताया कि अर्पिता वर्तमान में लंदन में अपने पति अजय ठाकुर के साथ रह रही हैं, जो भारतीय उच्चायोग में एक राजनयिक हैं। 


अजय ठाकुर ने पहले पाकिस्तान, डेनमार्क, नाइजर, कनाडा और रूस सहित कई देशों में अपनी सेवा दी है, और इन देशों में अर्पिता के कलात्मक योगदान ने नये आयाम जोड़े हैं। अर्पिता, जिनकी तीन संतानें हैं दो बेटियां और एक बेटा, पांच भाइयों की अकेली बहन हैं। उनके जीवन में संगीत के अलावा खाना पकाने का भी गहरा शौक है। 


साथ ही अर्पिता अपनी पाक कला का प्रदर्शन विभिन्न मंचों पर किया है और कई पाक कला प्रतियोगिताओं में पुरस्कार जीते हैं, जिनमें रूस के व्लादिवोस्तोक में आयोजित भारत और जापान के बीच करी बनाने की प्रतियोगिता भी शामिल है। अर्पिता ठाकुर का यह सम्मान भारतीय संस्कृति और सामाजिक कार्यों में उनके योगदान का प्रमाण है और यह हर भारतीय के लिए गर्व का विषय है। वहीं, अर्पिता योवाओं के लिए प्रेरणा बनी है और महिलाओं के लिए मार्गदर्शन की विषय है।