Chhattisgarh Encounter: छत्तीसगढ़ के सुकमा में सुरक्षाबलों का बड़ा एक्शन, मुठभेड़ में 16 नक्सली ढेर

Chhattisgarh Encounter: छत्तीसगढ़ में एक बार फिर से सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई है। इस मुठभेड़ में 16 नक्सलियों के मारे जाने की खबर है।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Mar 29, 2025, 1:13:23 PM

Chhattisgarh Encounter

प्रतिकात्मक - फ़ोटो google

Chhattisgarh Encounter: छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले के गोगुंडा की पहाड़ी पर उपमपल्ली में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हो रही है. डीआरजी और सीआरपीएफ के जवान नक्सलियों का सामना कर रहे हैं, और दोनों तरफ से लगातार फायरिंग हो रही है. 30 से 40 सशस्त्र वर्दीधारी नक्सलियों के होने की संभावना जताई गई है. इस मुठभेड़ में सुरक्षाबलों ने 16 नक्सलियों के शव बरामद किए हैं, जबकि दो जवानों को हल्की चोटें आई हैं. उन्हें इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है.


मुठभेड़ की जानकारी मिलने के बाद 28 मार्च को जिला सुकमा के थाना केरलापाल क्षेत्र में नक्सलियों के होने की सूचना पर डीआरजी और सीआरपीएफ की संयुक्त पुलिस पार्टी नक्सल विरोधी सर्च अभियान के लिए रवाना हुई थी. अभियान के दौरान, 29 मार्च को सुबह सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हो गई. गोलीबारी की आवाज से पूरा इलाका गूंज उठा, और मुठभेड़ रुक-रुक कर होती रही. सुरक्षा बलों द्वारा मुठभेड़ स्थल और आस-पास के क्षेत्रों की सघन सर्चिंग जारी है.


छत्तीसगढ़ में नक्सलियों के खिलाफ पुलिस द्वारा लगातार अभियान चलाया जा रहा है. 20 मार्च को भी पुलिस की संयुक्त टीम का नक्सलियों से सामना हुआ था, जिसमें सुरक्षाबलों को बड़ी कामयाबी मिली थी. गंगालूर पीएस लीमिट के पास बीजापुर-दंतेवाड़ा सीमा पर हुई मुठभेड़ में सुरक्षाबलों ने 30 नक्सलियों को ढेर कर दिया था. बीजापुर पुलिस के अनुसार, इलाके में करीब 45 नक्सली मौजूद थे, जिन्हें सुरक्षाबलों ने घेर लिया था. तलाशी अभियान के दौरान बड़ी संख्या में हथियार बरामद हुए थे. इस मुठभेड़ में बीजापुर DRG का एक जवान शहीद भी हुआ था.


20 मार्च को नक्सलियों से हुई मुठभेड़ के बाद देश के गृह मंत्री अमित शाह ने इसे नक्सलमुक्त भारत अभियान की दिशा में एक और बड़ी सफलता बताया. उन्होंने एक्स पर लिखा, "नक्सलमुक्त भारत अभियान की दिशा में आज हमारे जवानों ने एक और बड़ी सफलता हासिल की है. छत्तीसगढ़ के बीजापुर और कांकेर में हमारे सुरक्षा बलों के दो अलग-अलग ऑपरेशन्स में 22 नक्सली मारे गए. मोदी सरकार नक्सलियों के खिलाफ रुथलेस अप्रोच से आगे बढ़ रही है और समर्पण से लेकर समावेशन की तमाम सुविधाओं के बावजूद जो नक्सली आत्मसमर्पण नहीं कर रहे, उनके खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपना रही है. अगले साल 31 मार्च से पहले देश नक्सलमुक्त होने वाला है।"