1st Bihar Published by: FIRST BIHAR Updated Mar 15, 2026, 7:33:08 PM
राज्यसभा का रण! - फ़ोटो Google
Rajya Sabha Election: बिहार में राज्यसभा का चुनाव काफी दिलचस्प हो गया है। पांचवी सीट को लेकर एनडीए और महागठबंधन आमने-सामने है। एनडीए जहां सभी पांचो सीटों पर जीत के दावे कर रहा है, वहीं महागठबंधन पांचवी सीट पर अपने प्रत्याशी को जिताने की पूरी कोशिश में जुटा है। तेजस्वी यादव की नजर ओवैसी की पार्टी के पांचो विधायकों पर है हालांकि तेजस्वी यादव के मिशन को सहयोगी दल के विधायक ही पलीता लगाने में जुटे हैं।
बिहार में राज्यसभा की 5 सीटों पर कल सोमवार को वोटिंग है। एक सीट पर चुनाव जीतने के लिए 41 विधायकों का वोट चाहिए। संपूर्ण विपक्ष को मिलाकर यह संख्या 41 आ रहा है। वहीं एनडीए को पांचवी सीट पर जीत दर्ज करने के लिए तीन अतिरिक्त विधायकों की जरूरत है, जिसे पूर्ण होने का दावा किया जा रहा है।
इधर, कांग्रेस के 6 विधायकों पर सब की नजर है। कांग्रेस पार्टी की हालत ऐसी है की अपने विधायकों पर कंट्रोल नहीं रहा। बिहार कांग्रेस के प्रभारी कृष्णा अल्लावरु इस समय भी राज्य से बाहर हैं। उन्होंने पटना आना मुनासिब नहीं समझा। दल के ही एक वरिष्ठ नेता ने बताया कि आज की बिहार कांग्रेस संकट में है, न अध्यक्ष को मतलब है और न प्रभारी को। प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम को भी बहुत मतलब नहीं, वे आज पटना पहुंचे हैं।
पार्टी के 6 में से कम से कम तीन विधायक आउट ऑफ रेंज हैं। संभावना जताई जा रही है कि 6 में से तीन विधायक एनडीए प्रत्याशी के पक्ष में वोट करेंगे। कांग्रेस पार्टी के ही एक नेता ने बताया कि दो विधायक ने तो फोन उठाना बंद कर दिया है। वहीं तीसरे विधायक भी अब तक पटना नहीं पहुंचे हैं। वह सुबह से ही अभी आ रहे हैं, अभी आ रहे हैं की बात कर रहे हैं। ऐसे में संभावना है कि कम से कम तीन विधायक नेतृत्व के कंट्रोल से बाहर हो गए हैं। पूरी गुंजाइश है कि वह एनडीए प्रत्याशी के पक्ष में अपना मतदान करें।