बिहार में बनेगी ऐसी जेल जिसकी कल्पना से ही अपराधियों की रूह कांप जायेगी, नीतीश सरकार ने ले लिया बड़ा फैसला

बिहार की जेलों में बंद अपराधी और माफिया सलाखों के पीछे रह कर भी अपने गिरोह को संचालित कर रहे हैं. ऐसे में राज्य सरकार ने अपराधियों की गतिविधियों पर लगाम कसने के लिए एक हाई-सिक्योरिटी जेल बनाने का फैसला लिया है..

1st Bihar Published by: FIRST BIHAR Updated Apr 01, 2025, 9:00:30 PM

BIHAR POLICE

बिहार में अपराध पर नकेल - फ़ोटो GOOGLE

PATNA: बिहार में एक ऐसी जेल बनने जा रही है जिसकी कल्पना से ही अपराधियों की रूह कांप जायेगी. राज्य की मौजूदा जेलों से अपराधियों की हरकतों से परेशान होकर सरकार ने ये फैसला लिया है. सरकार ऐसा हाई सेक्योरिटी जेल बनाने जा रही है, जिसमें अपराधियों को कोई मौका हासिल नहीं होगा. 


जेल में बंद अपराधियों पर नकेल कसना जरूरी

बिहार पुलिस के एडीजी हेडक्वार्टर कुंदन कृष्णन ने आज मीडिया से बात करते कहा कि ऐसे कई आपराधिक मामले सामने आये हैं, जिसमें बिहार की जेल में बंद अपराधियों की संलिप्तता रही है. जेल में बंद अपराधी किसी न किसी तरह बाहर मौजूद अपने गिरोह के लोगों से संपर्क साध लेते हैं और फिर आपराधिक वारदातों को अंजाम देते हैं. 


कुंदन कृष्णन ने कहा कि ये समस्या सिर्फ बिहार की नहीं है बल्कि दिल्ली के तिहाड़ जेल में बंद कुख्यात लॉरेंस विश्नोई के भी मामले सामने आ चुके हैं. एडीजी हेडक्वार्टर ने कहा कि आपराधिक मामलों पर रोकथाम के लिए जेल में बंद अपराधियों पर भी लगाम लगाना जरूरी है. ऐसे में बिहार पुलिस औऱ राज्य सरकार बड़ा कदम उठाने जा रही है.


राज्य में बनेगा हाई सिक्योरिटी जेल

एडीजी कुंदन कृष्णन ने कहा कि अपराधी गिरोह के सरगनाओं और कुख्यात अपराधियों पर लगाम कसने के लिए बिहार में एक हाई सिक्योरिटी जेल बनाने की तैयारी शुरू कर दी गई है. बिहार पुलिस हाई सिक्योरिटी जेल बनाने का प्रस्ताव जल्द ही सरकार के गृह विभाग को सौंपने जा रही है. उम्मीद है कि सरकार से इसकी मंजूरी भी मिल जायेगी. 


वीरान जगह पर बनेगी जेल

एडीजी हेडक्वार्टर कुंदन कृष्णन ने बताया कि ये जेल बिहार के किसी वीरान जगह पर बनायी दायेगी. सरकार ये सुनिश्चित करेगी कि इस जेल में किसी कंपनी के मोबाइल नेटवर्क की पहुंच नहीं हो. यानि कोई मोबाइल काम ही नहीं करेगा. इस जेल के पास आवागमन की कोई सुविधा नहीं होगी. 


यानि उस इलाके में गाड़ी के आने-जाने की सुविधा नहीं होगी. लिहाजा अगर अपराधी वहां से भागना भी चाहे तो भाग नहीं पाये. पुलिस ऐसा बंदोबस्त करेगी कि जेल में बंद अपराधी से जो भी मिलने आये, उसका पूरा रिकार्ड रखा जाये. उसकी पहचान सुनिश्चित हो और जिस बंदी से उसकी मुलाकात होगी उसका पूरा वीडियो रिकार्डिंग होगा. य़ानि दोनों में जो भी बातचीत होगी उसकी रिकार्डिंग पुलिस के पास रहेगी.