Bihar Crime News: बिहार में मॉब लिंचिंग की वारदात, लोगों ने चोर को पीट-पीटकर मार डाला

Bihar Crime News: बिहार के वैशाली जिले में देर रात हुई एक चौंकाने वाली घटना ने कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों ने चोरी की कोशिश कर रहे युवक को पीट-पीटकर मौत के घाट उतार दिया है।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Jul 05, 2025, 11:59:23 AM

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बिहार क्राइम न्यूज - फ़ोटो GOOGLE

Bihar Crime News: बिहार के वैशाली जिले के महुआ थाना अंतर्गत चांदपुरा-सलखनी गांव में शुक्रवार देर रात हुई एक चौंकाने वाली घटना ने कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यहां तीन चोर सोई हुई विवाहिता के गले से मंगलसूत्र और चेन झपटकर भागने की कोशिश कर रहे थे। गांव की नींद टूटी तो महिला की चीख पर ग्रामीण दौड़े और भागते हुए तीनों में से एक चोर को पकड़ लिया।


ग्रामीणों ने आरोपित की जमकर पिटाई शुरू कर दी, जिससे उसकी हालत गंभीर हो गई। आनन-फानन में पुलिस को सूचना दी गई, लेकिन तब तक घायल चोर ने दम तोड़ दिया। स्थानीय सूत्रों ने बताया कि मृतक की पहचान मिल्की चकस्या गाँव के रहने वाले व्यक्ति के रूप में की गई है। जानकारी के अनुसार, आरोपित इस क्षेत्र में पहले से ही घटना कर चुका था और अक्सर चोरी की वारदातों को अंजाम देता था।


हत्या की यह घटना बीती रात पटना में इंडस्ट्रीपति गोपाल खेमका की हत्या के तुरंत बाद सामने आई है, जिससे बिहार की कानून व्यवस्था व सुरक्षा पर एक बार फिर सवाल उठ खड़े हुए हैं।


पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और पूरे प्रकरण की गहन जांच शुरू कर दी है। प्राथमिकी दर्ज कर दो अन्य चोरों की पहचान के लिए आसपास के गांवों का सर्वे शुरू कर दिया गया है। ग्रामीणों ने बताया कि चोरी के दौरान उन्होंने बदमाशों को रोकने की कोशिश की थी, लेकिन चंद मिनटों में ही हाथ लेने पर भीड़ ने इतना तेवर दिखाया कि पीड़ित व्यक्ति की जान चली गई।


ग्राम पंचायत प्रमुख और स्थानीय पुलिस अधिकारियों ने बताया कि ग्रामीणों में इस निरंतर अपराध से उबाल था और यही गुस्सा इस कृत्य तक पहुंचा। पंचायत प्रतिनिधियों का कहना है कि आम जनता अब न्याय की चिंता नहीं, बल्कि अपनी सुरक्षा के लिए आत्मरक्षा करने को मजबूर हो रही है। वहीं, स्थानीय थानाध्यक्ष ने कहा कि अगर पिटाई से मौत हुई है तो वह विधि सम्मत नहीं और दोषी ग्रामीणों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी, क्योंकि कानून के हाथ बताए बिना कार्यवाही नहीं हो सकती।


इस घटना ने एक बार फिर से “मानव न्याय” बनाम “भीड़ न्याय” की बहस को हवा दी है। भाजपा, कांग्रेस, CPI और स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता भी मामले में सतर्क नजर आ रहे हैं और न्यायपालिका से दोषियों के खिलाफ निष्पक्ष जांच व कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।