Curruption: बिहार में 70 हजार रिश्वत लेते पकड़े गए सरकारी कर्मचारी, निगरानी टीम ने की बड़ी कार्रवाई

Curruption: बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ निगरानी विभाग ने एक और बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है. शिवहर समाहरणालय स्थित जिला भू-अर्जन कार्यालय में छापेमारी कर 70000 रुपये की रिश्वत लेते कर्मचारी को गिरफ्तार कर लिया है.

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Jun 18, 2025, 2:38:50 PM

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बिहार में निगरानी विभाग की बड़ी कार्रवाई - फ़ोटो GOOGLE

Curruption: बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ निगरानी विभाग ने एक और बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। ताजा मामला शिवहर का है, जहां बुधवार को समाहरणालय स्थित जिला भू-अर्जन कार्यालय में छापेमारी कर 70000 रुपये की रिश्वत लेते विजय कुमार नामक कर्मचारी को गिरफ्तार कर लिया है।


बता दें कि पटना से आई निगरानी विभाग की टीम ने बुधवार को समाहरणालय स्थित जिला भू-अर्जन कार्यालय में छापेमारी कर 70,000 रुपये की रिश्वत लेते विजय कुमार नामक कर्मचारी को गिरफ्तार किया है। विजय कुमार द्वारा शहर के बभनटोली निवासी पप्पू तिवारी से शिवहर-सीतामढ़ी रेलमार्ग में भूमि के अधिग्रहण मद की मुआवजा राशि भुगतान में बतौर कमीशन आठ लाख रुपये की डिमांड की जा रही थी। इस संबंध में पप्पू तिवारी ने निगरानी थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसके आलोक में बुधवार को शिवहर पहुंची निगरानी टीम ने विजय कुमार को 70,000 रुपये लेते रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल, विजय कुमार से परिसदन में पूछताछ जारी है।


गिरफ्तारी से पूर्व, विजय कुमार ने बभनटोली गांव के पप्पू तिवारी से रेलवे भूमि अधिग्रहण के मुआवजे के भुगतान के लिए ₹8 लाख की रिश्वत की मांग की थी। पप्पू तिवारी ने इस संबंध में निगरानी विभाग में शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बाद, निगरानी टीम ने समाहरणालय स्थित कार्यालय कक्ष से विजय कुमार को ₹70,000 की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया। निगरानी विभाग के डीएसपी सुजीत कुमार ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि भू-अर्जन विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी इस घूसखोरी में शामिल हो सकते हैं। जांच जारी है और आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।


आगे उन्होंने बताया हैं कि शिवहर नगर परिषद क्षेत्र वार्ड नंबर 12 वभनटोली निवासी राजेंद्र तिवारी के पुत्र पप्पू तिवारी के द्वारा शिकायत दर्ज कराई गई थी कि 25 डिसमिल जमीन रेलवे अधिग्रहण के लिए कागजात कार्यालय में जमा करने के उपरांत विगत काफी दिनों से चक्कर लगा रहे थे और काफी परेशान थे और उन्होंने परेशान होकर विजिलेंस का सहारा लिया। इसमें और भी कई लोगों की मिली-भगत हो सकती है। साथ ही इसमें वरिय पदाधिकारी भी शामिल हो सकते हैं। फिलहाल जांच जारी है।

रिपोर्ट- सुमीर कुमार झा