PURNEA: पुलिस की दबिश के कारण फर्जी थाना खोलने वाले सख्स ने कोर्ट में किया सरेंडर, नौकरी के नाम पर लाखों की ठगी का आरोप

पूर्णिया के कसबा में एक युवक ने स्कूल भवन में फर्जी थाना खोलकर खुद को पुलिस बताया और करीब 300 लोगों को नकली नियुक्ति पत्र देकर नौकरी के नाम पर ठग लिया। पुलिस की वर्दी, राइफल,लाठी और ID कार्ड देकर युवाओं से ड्यूटी भी करवाई गई।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Jun 14, 2025, 9:47:19 PM

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बेरोजगारों को ठगने का आरोप - फ़ोटो REPORTER

PURNEA: फर्जी थानेदार बनकर भोले भाले बेरोजगार युवक-युवतियों को नौकरी लगाने का झांसा देकर लाखों रूपये ठगने वाले शख्स ने पुलिस की दबिश के कारण कोर्ट में सरेंडर कर दिया है। पूर्णिया में फर्जी थानेदार बनकर ग्राम रक्षा दल बहाली का मुख्य आरोपी राहुल ने शुक्रवार को कोर्ट में सरेंडर किया। वह कसबा नगर परिषद क्षेत्र के वार्ड संख्या 23 नेमाटोल का रहने वाला है। कसबा थाने में उसके खिलाफ केस दर्ज कराया गया था। 


जिन लोगों को पुलिस की नौकरी का झांसा देकर और वर्दी पहनाकर पैसे लिए उन्हीं लोगों ने राहुल के खिलाफ केस दर्ज किया। जब उन्हें पता चला कि उसने फर्जी ज्वाइनिंग लेटर और फर्जी वर्दी पहना लिया और पैसे ऐंठ लिया।  आरोपी राहुल खुद को ग्राम रक्षा दल व दलपति बहाली से जुड़ा पदाधिकारी बताता था और सैकड़ों लोगों से नौकरी के नाम पर मोटी रकम ऐंठ चुका है। मामला तब सामने आया जब कुछ युवकों को बहाली का लेटर दिया गया और नकली वर्दी पहनाकर ड्यूटी पर लगा दिया गया लेकिन जब दो महीने काम करने के बाद वेतन नहीं मिला तब वो आरोपी राहुल के घर नेमाटोल गये लेकिन वहां कोई नहीं था घर में ताला लटका हुआ था। 


पता चला कि राहुल ने उन लोगों को मुर्ख बनाया है और लाखों रूपये ऐंठने के बाद फरार हो गया है। जब इन लोगों को ठगी का एहसास हुआ तब सभी कसबा थाने पहुंच गये और आरोपी राहुल के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराया। केस दर्ज होने के बाद हरकत में आई पुलिस ने आरोपी की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी तेज कर दी लेकिन वह परिवार सहित फरार हो गया। जिसके बाद लगातार पुलिस उसकी गिरफ्तारी में लगी रही लेकिन पुलिस दबिश के कारण आखिरकार आरोपी राहुल ने कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया। 


पुलिस की प्रारंभिक जांच में यह आशंका जताई जा रही है, कि यह फर्जीवाड़ा केवल कसबा तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके तार पूर्णिया के अन्य ग्रामीण क्षेत्रों और संभावित रूप से सीमावर्ती जिलों तक भी जुड़े हो सकते हैं। जिन लोगों के साथ राहुल ने फर्जीवाड़ा किया उसकी संख्या करीब दर्जनभर है लेकिन आशंका जतायी जा रही है पीड़ितों की संख्या ज्यादा है। शायद शर्म या डर की वजह से कुछ लोग पुलिस के सामने नहीं आ रहे हैं। आरोपी राहुल ने फर्जी नियुक्ति पत्र, आईडी कार्ड और वर्दी तक उपलब्ध करा दिया था और ड्यूटी पर भी तैनात कर दिया था। लोगों का भरोसा जीतने के लिए उसने ऐसा किया और लोग आंख बंद कर उस पर विश्वास भी कर लिये। कोर्ट में सरेंडर के बाद अब पुलिस उससे पूछताछ करेगी। जिससे पता चल पाएगा कि इसने और कितने युवकों को अपना शिकार बनाया है. इस बात का खुलासा जल्द ही किया जाएगा। सबसे पहले रिमांड पर लेकर उससे पूछताछ की जाएगी। 


दरअसल कसबा नगर पंचायत वार्ड नं 23 नेमा टोल निवासी राजू प्रसाद साह का पुत्र राहुल कुमार साह ने गाँधी स्कूल कसबा में बिहार राज्य दलपति एवं ग्राम रक्षा दल महासंघ का कार्यालय खोलकर खुद पुलिस की वर्दी में रोजाना ड्यूटी करने लगा। वही हाल ही में ग्राम रक्षा दल की बहाली से पहले लोगों को नौकरी दिलाने के नाम पर 10 से 15 हजार वसूल कर ग्राम रक्षा दल और दलपति का फर्जी नियुक्ति पत्र बाँट दिया। इतना ही नहीं सभी को पुलिस की वर्दी दिलवाकर नौकरी पर भी लगवा दिया। वही करीब 2 माह नौकरी करने के बाद जब वेतन नहीं मिला तब लोग सीधा ठग के घर पर पहुंच गये और हंगामा करने लगे।


ठगी के शिकार युवक नरेश कुमार रॉय ने बताया कि उन लोगों को 20-20 हजार रुपया तनख्वाह पर ग्राम रक्षा दल की नौकरी दी गई है। ठग राहुल कुमार हमेशा पुलिस की वर्दी में रहता था, यहाँ तक कि कसबा थाने के पुलिस वालों के साथ भी फेसबुक पर फोटो अपलोड करता रहता था, इसलिए उनलोगों को कोई शक नहीं हुआ। उसके बाद वर्दी और आईकार्ड देकर लोगों से काम लेने लगा। इसके एवज में लोगों से पैसे भी लिये।  ठगी के शिकार लोगों ने कसबा थाने में ठग राहुल कुमार के खिलाफ शिकायत दर्ज कराया था।