1st Bihar Published by: First Bihar Updated Sun, 09 Nov 2025 11:11:58 AM IST
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Railway News: बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के नारायणपुर अनंत स्टेशन क्षेत्र में दो नए वाशिंग पिट बनाए जाने की योजना है। इसके लिए मालगोदाम और वैगन डिपो के बीच वाले पासेज की पहचान की गई है। जानकारी के अनुसार, इंजीनियरिंग, परिचालन और सिग्नल विभाग के रेल अधिकारियों ने इस स्थान का संयुक्त सर्वे किया और इसकी रिपोर्ट समस्तीपुर मंडल प्रबंधक को सौंपी है।
अब इसे पूर्व मध्य रेल के माध्यम से रेलवे बोर्ड को अप्रूवल के लिए भेजा जाएगा। अप्रूवल मिलने के बाद ई-टेंडर प्रक्रिया के जरिए निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा। नारायणपुर अनंत स्टेशन में दो वाशिंग पिट बनने से ट्रेनों की धुलाई और मेंटेनेंस में सहूलियत होगी, और इसके निर्माण से ट्रेनों के परिचालन पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।
मुजफ्फरपुर जंक्शन का विस्तार और नए प्लेटफॉर्म
वाशिंग पिट बनने के बाद मौजूदा दोनों वाशिंग पिट को हटाकर उसी स्थान पर तीन नए प्लेटफॉर्म बनाए जाएंगे। इससे मुजफ्फरपुर जंक्शन उत्तर बिहार का सबसे बड़ा जंक्शन बन जाएगा और प्लेटफॉर्म की चौड़ाई भी बढ़ जाएगी। वर्तमान में आठ प्लेटफॉर्म वाले स्टेशन को बढ़ाकर आने वाले समय में 11 से 12 प्लेटफॉर्म का विशाल जंक्शन बनाया जाएगा। नए प्लेटफॉर्मों से राजधानी समेत कई अन्य प्रदेशों के लिए और अधिक ट्रेनें संचालित होंगी।
वाशिंग पिट और सिक लाइन की तकनीकी योजना
दोनों वाशिंग पिट की लंबाई लगभग 650 मीटर होगी। रूट संख्या 9, 10 और 11 को हटाकर 16 मीटर चौड़ाई में 650 मीटर लंबाई की दो वाशिंग पिट लाइन बनाई जाएगी। पथ संख्या 12 और 13 को विस्तारित कर लगभग 200-200 मीटर लंबी दो सिक लाइन बनाई जाएगी, जिससे पथ संख्या 14 प्रभावित नहीं होगा। आईसीएफ एवं एलएचबी कोचों के लिए ट्रेनों के आगमन और प्रस्थान के लिए ट्रैफिक फिट सर्टिफिकेट लिया जाएगा।
टीएक्सआर सिक लाइन के रूप में उपयोग होने वाली पथ संख्या 12 और 13 को कोचिंग ट्रेन के लिए उपयुक्त बनाया जाएगा। वाशिंग पिट लाइन निर्माण के दौरान ट्रैक हटाने और नई लाइन सेट करने में प्वाइंट्स और क्रॉसिंग जोड़े जाएंगे। वाशिंग पिट और सिक लाइन में पर्याप्त जल निकासी की व्यवस्था की जाएगी। ट्रैक समायोजन के कारण संबंधित आरई मास्ट्स का स्थानांतरण किया जाएगा।
सुविधाएं और सुरक्षा व्यवस्था
वाशिंग पिट एरिया में लाइटिंग, पथ संख्या 08 स्टैबलिंग लाइन के रूप में उपलब्ध रहेगा, और वर्तमान ट्रैक की माप और स्थिति का मानचित्र तैयार किया जाएगा। इस निर्माण कार्य की तकनीकी समीक्षा और सुझाव के लिए पर्यवेक्षकों की एक समिति गठित की जाएगी। इस परियोजना के पूरा होने के बाद मुजफ्फरपुर जंक्शन उत्तर भारत का सबसे बड़ा और आधुनिक रेल हब बन जाएगा, जिससे ट्रेनों की संचालन क्षमता बढ़ेगी और यात्रियों और रेल कर्मचारियों के लिए सुविधाएं और बेहतर होंगी।