1st Bihar Published by: First Bihar Updated Mar 12, 2026, 10:57:36 AM
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Aadhaar: बिहार के गांवों में रहने वाले लोगों के लिए एक बड़ी सुविधा शुरू होने जा रही है। अब ग्रामीणों को नया आधार कार्ड बनवाने या पुराने आधार में सुधार कराने के लिए शहर या दूर के केंद्रों पर नहीं जाना पड़ेगा। पंचायती राज विभाग ने फैसला किया है कि राज्य की ग्राम पंचायतों में आधार सेवा केंद्र शुरू किए जाएंगे। विभाग ने इस संबंध में सभी जिला अधिकारियों को निर्दोश दे दिया है।
विभाग ने इस संबंध में सभी जिलाधिकारियों को निर्देश भेज दिया है। इसके अनुसार पंचायत सरकार भवनों के माध्यम से ग्रामीणों को आधार से जुड़ी सेवाएं दी जाएंगी। इससे गांव के लोगों को काफी राहत मिलेगी और समय के साथ-साथ खर्च की भी बचत होगी।
जानकारी के अनुसार इस योजना की शुरुआत पहले चरण में राज्य की 2000 ग्राम पंचायतों से की जाएगी। इन पंचायतों का चयन इसलिए किया गया है क्योंकि यहां पहले से ही पंचायती राज विभाग की ओर से राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान योजना के तहत कंप्यूटर और प्रिंटर उपलब्ध कराए जा चुके हैं। इन संसाधनों की मदद से आधार सेवा केंद्र शुरू करना आसान होगा।
पंचायती राज विभाग ने जिलों को निर्देश दिया है कि आधार सेवा केंद्र शुरू करने से पहले सभी जरूरी तैयारियां पूरी कर ली जाएं। इसके लिए पंचायत सरकार भवनों में आवश्यक उपकरण और तकनीकी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी ताकि लोगों को आधार से जुड़ी सेवाएं सही तरीके से मिल सकें।
इन केंद्रों पर आधार बनाने और उसमें सुधार करने के लिए कई प्रकार के आधुनिक उपकरण लगाए जाएंगे। इनमें आईटी सामग्री, व्हाइट स्क्रीन, फोकस लाइट और सर्ज प्रोटेक्टर स्पाइक जैसे उपकरण शामिल हैं। इसके अलावा लोगों की पहचान के लिए आइरिस स्कैनर, कैमरा, स्लैप स्कैनर और फिंगरप्रिंट डिवाइस भी लगाए जाएंगे।
साथ ही इन केंद्रों पर ग्लोबल नेविगेशन सैटेलाइट सिस्टम (GNNS) डिवाइस और सिंगल आइरिस स्कैनर आरजी डिवाइस भी लगाए जाएंगे। इन उपकरणों की मदद से आधार से जुड़ी प्रक्रिया तेज और सही तरीके से पूरी की जा सकेगी। इससे ग्रामीणों को बेहतर सेवा मिल सकेगी।
सरकार का मानना है कि गांव स्तर पर आधार सेवा केंद्र शुरू होने से लोगों को काफी सुविधा होगी। कई बार ग्रामीणों को आधार बनवाने या उसमें नाम, पता या जन्मतिथि में सुधार कराने के लिए शहरों के आधार केंद्रों पर जाना पड़ता है। इससे उनका समय और पैसा दोनों खर्च होता है। लेकिन अब पंचायत स्तर पर ही यह सुविधा मिलने से लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।
इसके साथ ही लोगों को आधार सेवाओं के प्रति जागरूक करने के लिए भी विशेष पहल की जाएगी। भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) की ओर से प्रचार सामग्री तैयार कराई जाएगी और उसे सभी आधार सेवा केंद्रों पर लगाया जाएगा। इससे लोगों को यह जानकारी मिलेगी कि आधार से जुड़ी कौन-कौन सी सेवाएं यहां उपलब्ध हैं और उन्हें कैसे प्राप्त किया जा सकता है।
सरकार का लक्ष्य है कि गांवों में रहने वाले अधिक से अधिक लोग आधार से जुड़ी सेवाओं का लाभ आसानी से उठा सकें। आने वाले समय में अगर यह योजना सफल रहती है तो इसे राज्य की और भी पंचायतों तक विस्तार दिया जा सकता है।