1st Bihar Published by: First Bihar Updated Dec 29, 2025, 3:06:48 PM
कपकपाती ठंड में जनता दरबार - फ़ोटो social media
UP: कपकपाती ठंड और कुहासे के बावजूद सोमवार की सुबह उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर स्थित गोरखनाथ मंदिर परिसर में जनता दर्शन कार्यक्रम आयोजित किया। इस दौरान उन्होंने करीब 150 लोगों से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात की और उनकी समस्याएं सुनीं। जनता को आश्वस्त किया कि सरकार उनके साथ खड़ी है, हर समस्या का समाधान सरकार सुनिश्चित करेगी।
गोरखनाथ मंदिर के महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन सभागार में आयोजित जनता दर्शन में कुर्सियों पर बैठे लोगों के पास सीएम योगी खुद पहुंचे और एक-एक कर सभी की समस्याएंं सुनीं। उन्होंने कहा, “घबराइए मत, हर समस्या का समाधान कराया जाएगा। सरकार सबकी भरपूर मदद करेगी।
मुख्यमंत्री ने मौके पर मौजूद अधिकारियों को निर्देश दिया कि हर पीड़ित की समस्या को संवेदनशीलता से सुना जाए और उसका त्वरित, पारदर्शी व समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने प्रार्थना पत्र अधिकारियों को सौंपते हुए कहा कि समाधान की प्रक्रिया गुणवत्तापूर्ण और संतुष्टिप्रद होनी चाहिए।
जमीन पर अवैध कब्जे की शिकायतों पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि यदि कोई दबंग या माफिया किसी की जमीन जबरन कब्जा करता है तो उसके खिलाफ कठोर से कठोर कार्रवाई की जाए। गरीबों को उजाड़ने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।जहां आवश्यकता हो, वहां पैमाइश कराकर विवाद का समाधान कराने का निर्देश उन्होंने अधिकारियों को दिया। वही पारिवारिक विवादों के मामलों में उन्होंने दोनों पक्षों से संवाद कर समाधान निकालने के निर्देश दिए।
जनता दर्शन के दौरान कुछ लोग इलाज के लिए आर्थिक सहायता की मांग लेकर भी पहुंचे। मुख्यमंत्री ने उन्हें आश्वासन दिया कि धन की कमी इलाज में बाधा नहीं बनेगी। उन्होंने अधिकारियों को अस्पताल से इस्टीमेट की प्रक्रिया शीघ्र पूरी कर शासन को भेजने के निर्देश दिए और कहा कि मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से इलाज के लिए पर्याप्त सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
इससे पूर्व, मुख्यमंत्री एवं गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ ने सोमवार अहले सुबह गोरखनाथ मंदिर में रुद्राभिषेक कर लोकमंगल की कामना की। अपने आवास स्थित शक्तिपीठ में उन्होंने भगवान शिव को विल्वपत्र, दुर्वा, मदार पत्र, कमल पुष्प सहित विभिन्न पूजन सामग्री अर्पित कर जल और दूध से रुद्राभिषेक किया। मठ के आचार्यों और पुरोहितों ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ अनुष्ठान संपन्न कराया। हवन के साथ रुद्राभिषेक का अनुष्ठान पूर्ण कर उन्होंने प्रदेश की सुख-शांति और समृद्धि की कामना की।