1st Bihar Published by: First Bihar Updated May 04, 2025, 12:24:21 PM
Rahul gandhi apology on 1984 Sikh riots - फ़ोटो Google
Rahul Gandhi apology on Sikh riots: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने 1984 के सिख विरोधी दंगों को लेकर कांग्रेस की भूमिका पर बड़ा बयान दिया है। अमेरिका की एक यूनिवर्सिटी में आयोजित कार्यक्रम में राहुल गांधी ने स्वीकार किया कि उस दौर में कांग्रेस से कुछ गलतियां हुई थीं और उन्हें स्वीकार करना पार्टी की जिम्मेदारी है।
कार्यक्रम के दौरान एक सिख युवक ने राहुल गांधी से तीखा सवाल पूछा कि क्या वह सज्जन कुमार जैसे नेताओं को बचाने की कांग्रेस की भूमिका की जिम्मेदारी लेंगे? इस पर राहुल गांधी ने जवाब देते हुए कहा, “बहुत सी गलतियां तब हुईं जब मैं राजनीति में नहीं था, लेकिन मैं कांग्रेस पार्टी द्वारा की गई हर गलती की जिम्मेदारी लेने को तैयार हूं।”
उन्होंने आगे कहा, “मैंने पहले भी सार्वजनिक रूप से कहा है कि 1984 में जो हुआ वह गलत था। मैं कई बार स्वर्ण मंदिर जा चुका हूं और सिख समुदाय के साथ मेरे अच्छे संबंध हैं।” राहुल गांधी ने मौजूदा बीजेपी सरकार पर भी निशाना साधते हुए कहा कि आज के दौर में धार्मिक स्वतंत्रता को लेकर डर वास्तविक है।
बीजेपी ने बोला तीखा हमला
राहुल गांधी के इस बयान पर बीजेपी ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। पार्टी के आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने ट्वीट कर कहा, “राहुल गांधी अब केवल भारत में ही नहीं, बल्कि विदेशों में भी मजाक का विषय बन गए हैं।”दिल्ली सरकार में मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा, “यह सिखों के दर्द और गुस्से की अभिव्यक्ति थी। राहुल गांधी का यह बयान कोई माफी नहीं, बल्कि एक राजनीतिक ड्रामा है।”बीजेपी प्रवक्ता आरपी सिंह ने मांग की कि अगर राहुल गांधी वास्तव में जिम्मेदारी लेने को तैयार हैं, तो उन्हें सज्जन कुमार, जगदीश टाइटलर और कमलनाथ जैसे नेताओं को कांग्रेस से बाहर का रास्ता दिखाना चाहिए।
गौरतलब है कि 1984 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की उनके सिख अंगरक्षकों द्वारा हत्या के बाद देशभर में खासकर दिल्ली में सिखों के खिलाफ हिंसा फैली थी, जिसमें हजारों लोगों की जान गई थी। इस हिंसा में कांग्रेस नेताओं की कथित भूमिका को लेकर लंबे समय से सवाल उठते रहे हैं। बता दे कि 2013 में तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने संसद में सिख समुदाय से माफी मांगी थी, जिसके बाद सोनिया गांधी और राहुल गांधी ने भी खेद जताया था।