Hindi News / india / वृंदावन की होली में मुसलमानों के प्रवेश पर रोक की मांग, हिंदू संगठन...

वृंदावन की होली में मुसलमानों के प्रवेश पर रोक की मांग, हिंदू संगठन धर्मरक्षा संघ ने सीएम योगी को लिखा पत्र

वृंदावन और ब्रज क्षेत्र में होली का उत्सव एक सांस्कृतिक परंपरा है, जिसमें सदियों से सभी समुदायों की भागीदारी रही है। लेकिन इस बार के होली में मुसलमानों के प्रवेश पर रोक लगाने की मांग हिन्दू संगठन ने की है।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Mar 02, 2025, 6:09:13 PM

vrindavan ki holi

हिन्दू संगठन की मांग - फ़ोटो GOOGLE

 UP: महाकुंभ के बाद अब वृंदावन में मुसलमानों के प्रवेश पर रोक लगाए जाने की मांग उठ रही है। मुस्लिम समाज के लोगों को यहां दुकान ना लगाने और वृंदावन की होली समारोह में शामिल नहीं होने की मांग की गयी है। हिन्दूवादी संगठन ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखा है और यह मांग की है। हिन्दूवादी संगठन ने कहा कि ब्रज क्षेत्र में होली पर आयोजित होने वाले कार्यक्रमों में मुसलमानों के प्रवेश पर रोक लगाई जाए। 


हिंदूवादी नेताओं ने वृंदावन में दुकान लगाने को लेकर मुस्लिम समाज के लोगों के सामने एक शर्त रखी है। धर्मरक्षा संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष सौरभ गौड़ ने कहा है कि पिछले दिनों बरेली में मुस्लिम समाज के लोग हमारे लोगों को धमकियां दे नजर आए थे। जिसे देखते हुए धर्मरक्षा संघ ने यह फैसला लिया कि ब्रज क्षेत्र में मथुरा, वृंदावन, नंदगांव, बरसाना, गोकुल, दाऊजी सहित अन्य तीर्थ स्थलों पर आयोजित होने वाले होली समारोह में मुसलमानों के प्रवेश पर रोक लगवाएंगे। इसे लेकर धर्मरक्षा संघ ने सीएम योगी को पत्र लिखकर उनके समक्ष अपनी मांगे रखी है। 


वृंदावन और ब्रज क्षेत्र में होली का उत्सव एक सांस्कृतिक परंपरा है, जिसमें सदियों से सभी समुदायों की भागीदारी रही है। संविधान और कानून के अनुसार, किसी भी नागरिक को किसी सार्वजनिक स्थल या व्यापारिक गतिविधि से सिर्फ उनके धर्म के आधार पर प्रतिबंधित नहीं किया जा सकता। यदि प्रशासन इस तरह की मांग को स्वीकार करता है, तो यह मौलिक अधिकारों के उल्लंघन के दायरे में आ सकता है। ऐसी मांगें सामाजिक सौहार्द को प्रभावित कर सकती हैं और धार्मिक आयोजनों को विवादों में डाल सकती हैं। प्रशासन को इस मामले पर संतुलित और संवैधानिक तरीके से निर्णय लेना चाहिए, ताकि समाज में कोई अनावश्यक तनाव न पैदा हो।