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केंद्र सरकार ने भारतीयों के लिए जारी की एडवाइजरी, अगली सूचना तक नेपाल यात्रा से बचने की सलाह

नेपाल में सोशल मीडिया प्रतिबंध और भ्रष्टाचार विरोधी प्रदर्शनों के बीच हालात बिगड़े, 19 लोगों की मौत हुई। प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली और राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल ने इस्तीफा दिया। भारत सरकार ने अगली सूचना तक भारतीयों को नेपाल यात्रा से बचने की सलाह दी

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Sep 09, 2025, 7:15:52 PM

NEPAL

नेपाल में तख्तापलट - फ़ोटो सोशल मीडिया

DESK: नेपाल में सोशल मीडिया प्रतिबंध और भ्रष्टाचार के खिलाफ हुए हिंसक प्रदर्शनों के चलते हालात बिगड़ गए हैं। अब तक अशांति में कम से कम 19 लोगों की मौत हो चुकी है। विरोध की लहर और बढ़ते दबाव के बीच नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। इसके बाद राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल ने भी पद छोड़ दिया।


स्थिति को देखते हुए भारत सरकार सतर्क हो गई है। विदेश मंत्रालय (MEA) ने भारतीय नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी कर कहा है कि अगली सूचना तक नेपाल की यात्रा न करें। जो भारतीय पहले से नेपाल में मौजूद हैं, उन्हें घर के अंदर रहने और सड़कों पर न निकलने की सलाह दी गई है। साथ ही काठमांडू सहित कई शहरों में कर्फ्यू लागू किया गया है।


विदेश मंत्रालय ने नेपाल में रह रहे भारतीयों से सतर्क रहने और स्थानीय अधिकारियों के निर्देशों का पालन करने को कहा है। सहायता की आवश्यकता पड़ने पर भारतीय नागरिक निम्नलिखित हेल्पलाइन नंबरों पर संपर्क कर सकते हैं: 📞 +977–980 860 2881....📞 +977–981 032 6134


भारत सरकार ने नेपाल की मौजूदा स्थिति पर दुख जताते हुए कहा है कि हम घटनाक्रम पर बारीकी से नजर रखे हुए हैं। जिन लोगों की जान गई है, उनके परिवारों के प्रति हमारी संवेदनाएं हैं और हम घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना करते हैं।


73 वर्षीय पूर्व प्रधानमंत्री ओली ने राष्ट्रपति को इस्तीफा सौंपते हुए कहा कि वह समस्या का समाधान निकालने और संविधान के अनुसार राजनीतिक रूप से इसे सुलझाने में मदद करने के लिए पद छोड़ रहे हैं। सेना ने भी अपील जारी कर नागरिकों से संयम बरतने का आग्रह किया है।


गौरतलब है कि ओली ने पिछले साल जुलाई में चौथी बार शपथ ली थी। हाल ही में उन्होंने सभी दलों की बैठक बुलाकर शांति बनाए रखने की अपील की थी। हालांकि, उन्होंने भ्रष्टाचार के उन आरोपों पर सीधा जवाब नहीं दिया, जिनके चलते प्रदर्शन और हिंसा तेज हुई।