1st Bihar Published by: First Bihar Updated Feb 23, 2026, 10:49:36 PM
हवाई किराए में बढ़ोतरी शोषण जैसा - फ़ोटो सोशल मीडिया
DESK: पर्व और त्योहार आते ही फ्लाइट की टिकट का दाम सातवें आसमान पर पहुंच जाता है। अभी की ही बात कर लें, 4 मार्च को रंगों का त्योहार होली है। होली में फ्लाइट टिकट का दाम काफी ज्यादा है, जो आमलोगों के बस की बात नहीं है।
पर्व-त्योहारों और इमरजेंसी हालातों में प्राइवेट एयरलाइंस द्वारा हवाई किराया बढ़ाने पर सुप्रीम कोर्ट ने चिंता जतायी। कोर्ट ने कहा है कि यह बहुत ही गंभीर मामला है। केन्द्र सरकार से 4 हफ्ते में जवाब देने को कहा है। केंद्र सरकार ने कहा कि हम मामले को हाईलेवल पर देख रहे है। सिविल एविएशन मिनिस्ट्री इस मुद्दे पर विचार कर रही है।
इस पर जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच ने केंद्र सरकार और डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन को विचार करने और जवाब देने के लिए चार हफ्ते का समय दिया गया है। यह मामला एक जनहित याचिका (PIL) से जुड़ा है, जिसमें प्राइवेट एयरलाइंस के त्योहारों के समय अचानक किराया बढ़ाने और अतिरिक्त शुल्क वसूलने पर कंट्रोल के लिए नियम बनाने की मांग की गई है।
एडिशनल सॉलिसिटर जनरल अनिल कौशिक ने कोर्ट को बताया कि आम लोगों के हित से जुड़ा यह मामला है। केंद्र सरकार इसे हाईलेवल पर देख रही है। अब इस मामले पर अगली सुनवाई 23 मार्च को होगी। जनहित याचिका में कई मुद्दों को रखा गया है।
दरअसल एयरलाइंस ने इकोनॉमी क्लास में मुफ्त चेक-इन बैगेज की सीमा 25 किलो से घटाकर 15 किलो कर दी है। इसके अलावे कई छिपे हुए चार्ज और डायनामिक प्राइसिंग के जरिए यात्रियों से ज्यादा पैसे वसूल रहे हैं। कोर्ट ने कहा कि त्योहारों के समय हवाई किराए में अचानक भारी बढ़ोतरी शोषण जैसा है। याचिका में महाकुंभ, पहलगाम आतंकवादी हमला के बाद किराए में बढ़ोतरी का हवाला दिया गया।