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Special 6: देश के भीतर बैठे गद्दारों की मरम्मत के लिए विशेष टीम गठित, पाकिस्तान समर्थकों में मची खलबली

Special 6: भारत-पाक तनाव के बीच अब ‘स्पेशल 6 टीम’ सोशल मीडिया पर फेक न्यूज और पाक के समर्थन में कंटेंट डालने वालों की जमकर मरम्मत करती नजर आएगी।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated May 09, 2025, 10:29:05 AM

Special 6

DGP UP - फ़ोटो Google

Special 6: भारत-पाकिस्तान तनाव के बीच सोशल मीडिया पर फेक न्यूज और पाकिस्तान समर्थित कंटेंट पड़ोसने वालों पर उत्तर प्रदेश पुलिस ने कड़ा रुख अपनाया है। खासकर वेस्ट यूपी में मेरठ, सहारनपुर और मुजफ्फरनगर जैसे संवेदनशील इलाकों में निगरानी तेज करने के लिए ‘स्पेशल 6 टीम’ का गठन किया गया है। यह टीम सोशल मीडिया पर देशविरोधी सामग्री, अफवाहों और पाक समर्थक पोस्ट को ट्रैक कर त्वरित कार्रवाई करेगी। मेरठ में हाल ही में दो मामलों में गिरफ्तारी इसका उदाहरण है।


‘स्पेशल 6 टीम’ में छह अनुभवी साइबर विशेषज्ञ और खुफिया कर्मी शामिल हैं, जो फेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम, टेलीग्राम और व्हाट्सएप पर 24x7 निगरानी रखेंगे। इसका मुख्य उद्देश्य देशविरोधी कंटेंट की पहचान, फेक न्यूज फैलाने वालों को ट्रैक करना, संदिग्ध पोस्ट की रिपोर्ट तैयार करना और जरूरत पड़ने पर एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई करना है। मेरठ के सिविल लाइंस और भावनपुर थाना क्षेत्रों में हाल के मामलों में पुलिस ने सोशल मीडिया पर पाकिस्तान समर्थक टिप्पणी और झंडे वाली तस्वीर शेयर करने वालों को तुरंत गिरफ्तार किया। यह टीम डिजिटल वालंटियर्स और व्हाट्सएप कम्युनिटी ग्रुप्स के साथ मिलकर काम करेगी, जिनमें 10 लाख लोग जुड़े हैं।


यूपी पुलिस ने स्पष्ट किया कि सोशल मीडिया की स्वतंत्रता का दुरुपयोग बर्दाश्त नहीं होगा। मेरठ के एसएसपी ने कहा कि पाकिस्तान का झंडा, नारा या समर्थन दिखाने वाली पोस्ट को अपराध माना जाएगा। नागरिकों को पोस्ट शेयर करने से पहले उसकी सत्यता जांचने की सलाह दी गई है। पुलिस ने लोगों से देशविरोधी कंटेंट की सूचना @uppolice ट्विटर हैंडल या साइबर क्राइम हेल्पलाइन पर देने की अपील की है।


वेस्ट यूपी में यह टीम खासकर उन इलाकों पर फोकस करेगी, जहां सांप्रदायिक संवेदनशीलता और सोशल मीडिया दुष्प्रचार का इतिहास रहा है। विश्लेषकों का मानना है कि यह पहल न केवल डिजिटल मोर्चे पर प्रभावी होगी, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा को भी मजबूत करेगी। हालांकि, कुछ लोग अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर सवाल उठा रहे हैं, जिसे पुलिस ने खारिज करते हुए कहा कि देश की अखंडता सर्वोपरि है।