1st Bihar Published by: First Bihar Updated Mar 17, 2025, 2:12:18 PM
वंदे भारत ट्रेन की तस्वीर - फ़ोटो Google
Vande Bharat Express Speed: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सबसे महत्वपूर्ण और महत्वाकांक्षी योजनाओं में से एक, और देश की सबसे तेज़ ट्रेनों में शामिल वंदे भारत एक्सप्रेस की स्पीड को लेकर संसद में कुछ सांसदों ने सवाल उठाए हैं। सांसदों का कहना है कि यह ट्रेन अपनी उच्चतम गति से नहीं चल रही है। इस मुद्दे पर रेल मंत्री ने अपनी प्रतिक्रिया दी है और इसके पीछे की वजह भी स्पष्ट की है।
वंदे भारत एक्सप्रेस की स्पीड को लेकर उठे सवाल
वंदे भारत ट्रेन की गति अब आम लोगों को भी पता है, लेकिन हाल ही में इसकी स्पीड को लेकर सवाल उठने लगे हैं। कहा जा रहा है कि ट्रेन अपनी निर्धारित गति से नहीं चल रही है। जितनी तेज़ स्पीड का दावा किया गया था, उतनी अब देखने को नहीं मिल रही। हालांकि, इस मुद्दे पर उठ रहे संदेहों को लेकर रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने जवाब दिया है। एक समाचार पत्र में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, चेन्नई के इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (ICF) में बनी वंदे भारत एक्सप्रेस 160 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने में सक्षम है। वहीं, ट्रायल रन के दौरान यह ट्रेन 180 किमी प्रति घंटे की गति से दौड़ती हुई भी देखी गई थी। लेकिन अब सवाल उठ रहे हैं कि क्या यह ट्रेन वास्तव में अपनी अधिकतम गति से चल रही है?
सांसदों ने पूछा सवाल
संसद के कई सदस्यों ने इस मुद्दे को उठाते हुए सरकार से पूछा कि इतनी तेज़ रफ्तार से चलने वाली ट्रेन की गति अब धीमी क्यों हो गई है? सरकार इस पर कोई ठोस कदम क्यों नहीं उठा रही है?
रेल मंत्री ने वजह बताई
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने संसद में इस सवाल का जवाब देते हुए कहा कि ट्रेन की स्पीड सिर्फ इंजन पर निर्भर नहीं करती है, बल्कि रेलवे ट्रैक की स्थिति भी इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने इस बात पर ज़ोर देते हुए कहा कि रेलवे लाइनों को और बेहतर बनाने का काम लगातार किया जा रहा है। उन्होंने यूपीए सरकार की तुलना करते हुए कहा कि 2014 में केवल 31,000 किमी रेलवे ट्रैक ऐसा था जिस पर ट्रेनें 100 किमी प्रति घंटे या उससे अधिक की रफ्तार से चल सकती थीं। लेकिन अब यह आंकड़ा बढ़कर 80,000 किमी तक पहुंच गया है।
वंदे भारत एक्सप्रेस की संख्या और लोकप्रियता
भारत में वर्तमान में 136 वंदे भारत ट्रेनें संचालित हो रही हैं और यह देश की सबसे तेज़ ट्रेनों में से एक है। अब यह लगभग सभी प्रमुख रूटों पर चल रही है।