1st Bihar Published by: First Bihar Updated Mar 14, 2025, 4:53:38 PM
प्रतीकात्मक तस्वीर - फ़ोटो google
Mathura vrindaban holi 2025 : मथुरा-वृंदावन की होली न केवल अपनी भव्यता के लिए प्रसिद्ध है, बल्कि इस बार यह सामाजिक बदलाव का प्रतीक के नज़ारे भी दिख रहें है । उत्तर प्रदेश सरकार की पहल के तहत, वृंदावन में 2000 से अधिक विधवाएं एक साथ मिलकर होली के रंग में सराबोर होंगी , जिससे यह आयोजन गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज होने की ओर अग्रसर है ।
वृंदावन की अनोखी होली
परंपरागत रूप से भारत में विधवाओं को सामाजिक आयोजनों और त्योहारों से अलग रखा जाता था, लेकिन भगवान कृष्ण की नगरी वृंदावन में इस सोच को बदलने की पहल की गई है। अब यह आयोजन सिर्फ रंगों का उत्सव नहीं, बल्कि सशक्तिकरण और समावेशिता का प्रतीक भी बन चुका है। हर साल हजारों विधवाएं इस त्योहार को रंगों, संगीत और भक्ति के साथ मनाती हैं, लिहाजा उनके जीवन में नई ऊर्जा का संचार होता है,और उनको भी होली के इस उत्सव में आनंद लेने का मौका मिलता है .
इस बार विश्व रिकॉर्ड बनाने की तैयारी
इस वर्ष, उत्तर प्रदेश सरकार और स्थानीय सामाजिक संगठनों के सहयोग से, विधवाओं की होली 2025 को विश्व रिकॉर्ड से जोड़ने की योजना बनाई गई है। इस आयोजन में पारंपरिक लोक गीत, भक्ति संगीत और नृत्य की प्रस्तुतियां होंगी, साथ ही ऑर्गेनिक रंगों का उपयोग किया जाएगा। कार्यक्रम में अंतरराष्ट्रीय मीडिया, गणमान्य व्यक्ति और भक्तों की भागीदारी भी सुनिश्चित की जाएगी। गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के अधिकारियों की मौजूदगी में इस ऐतिहासिक आयोजन को दर्ज करने का प्रयास किया जाएगा। वृंदावन की यह होली न केवल आनंद और उल्लास का पर्व होगी, बल्कि सामाजिक समरसता और विधवाओं के पुनर्सम्मान का भी प्रतीक बनेगी।