1st Bihar Published by: First Bihar Updated Mon, 22 Dec 2025 12:52:21 PM IST
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Life Style: सर्दियों के मौसम में डायबिटीज के मरीजों को ब्लड शुगर कंट्रोल करने में अधिक परेशानी का सामना करना पड़ता है। ठंड बढ़ते ही शारीरिक गतिविधि में कमी, खान-पान में बदलाव और तनाव हार्मोन के बढ़ने से ब्लड शुगर लेवल अचानक ऊपर जाने लगता है। विशेषज्ञों के अनुसार, ठंड के मौसम में शरीर को गर्म रखने के लिए अतिरिक्त ऊर्जा की जरूरत होती है, जिससे हार्मोनल असंतुलन पैदा होता है और इंसुलिन सही तरीके से काम नहीं कर पाता।
ठंड में लोग ज्यादा समय घर के अंदर बिताते हैं और व्यायाम कम कर देते हैं। इससे इंसुलिन रेजिस्टेंस बढ़ता है और शरीर ग्लूकोज को ठीक से उपयोग नहीं कर पाता। वहीं, सर्दियों में भारी भोजन, मीठे पदार्थ और ज्यादा कार्बोहाइड्रेट खाने की इच्छा भी बढ़ जाती है, जो ब्लड शुगर को तेजी से बढ़ाने का कारण बनती है।
इसके अलावा, ठंड के मौसम में शरीर पर तनाव बढ़ता है, जिससे कोर्टिसोल और एड्रेनालाईन जैसे स्ट्रेस हार्मोन निकलते हैं। ये हार्मोन लिवर को ज्यादा ग्लूकोज रिलीज करने के लिए प्रेरित करते हैं, जिससे शुगर लेवल बढ़ जाता है। सर्दी-जुकाम, फ्लू और अन्य संक्रमण भी इस मौसम में ज्यादा होते हैं। संक्रमण से लड़ने के लिए शरीर अतिरिक्त ग्लूकोज छोड़ता है, जिससे डायबिटीज मरीजों में शुगर और ज्यादा बढ़ सकती है।
ठंड के कारण रक्त वाहिकाएं सिकुड़ जाती हैं, जिससे रक्त संचार धीमा हो सकता है। इसका असर इंसुलिन के अवशोषण और उसके प्रभाव पर पड़ता है, जिससे शुगर कंट्रोल करना मुश्किल हो जाता है। साथ ही, सर्दियों में सुस्ती, थकान और मानसिक उदासी जैसी समस्याएं भी बढ़ती हैं, जो अप्रत्यक्ष रूप से ब्लड शुगर को प्रभावित करती हैं।
डायबिटीज मरीज सर्दियों में कैसे रखें ब्लड शुगर कंट्रोल?
डायबिटीज मरीजों को सर्दियों में नियमित व्यायाम को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाना चाहिए, चाहे वह घर के अंदर ही क्यों न हो। फाइबर युक्त और संतुलित आहार लें, अधिक मीठा और तला-भुना भोजन करने से बचें। पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें, क्योंकि ठंड में प्यास कम लगने के बावजूद डिहाइड्रेशन शुगर बढ़ा सकता है। डॉक्टर की सलाह से दवाओं और इंसुलिन की खुराक की नियमित जांच और जरूरत पड़ने पर समायोजन करें। साथ ही, संक्रमण से बचने के लिए स्वच्छता का ध्यान रखें और आवश्यक टीकाकरण जरूर करवाएं।