1st Bihar Published by: Updated Jun 20, 2022, 8:05:09 AM
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PATNA : अग्निपथ योजना को लेकर बिहार में जो हिंसक प्रदर्शन हुआ उसके बाद प्रशासन यह मानकर चल रहा था कि कहीं न कहीं प्रदर्शनकारी और उपद्रवी छात्रों के पीछे कोचिंग संस्थानों की भूमिका हो सकती है। इसके पहले रेलवे एनटीपीसी एग्जाम के दौरान भी कोचिंग संस्थानों की भूमिका की जांच की गई थी। अग्निपथ योजना के विरोध प्रदर्शन में रविवार तक पटना जिले में कुल 11 प्राथमिकी और कुल 190 लोगों की गिरफ्तारी हुई। इसमें दानापुर अनुमंडल में 3 प्राथमिकी और 69 गिरफ्तारी, पालीगंज अनमंडल में 2 प्राथमिकी और 41 गिरफ्तारी, मसौढ़ी अनुमंडल में 3 प्राथमिकी और 75 गिरफ्तारी, पटना सदर अनुमंडल में 2 प्राथमिकी और 5 गिरफ्तारी के साथ–साथ पटना सिटी अनुमंडल में एक प्राथमिकी शामिल है।
कानून व्यवस्था की समस्या पैदा करने के आरोप में कुल 6 कोचिंग संस्थानों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई, जिसमें मसौढ़ी में चार कोचिंग, मनेर में एक कोचिंग और दानापुर में में एक कोचिंग शामिल है। जिन कोचिंग संस्थानों पर केस दर्ज किया गया है उनमें यथार्थ कोचिंग इंस्टीट्यूट, मसौढ़ी डीडीएस कोचिंग इंस्टीट्यूट, मसौढ़ी आरक्षण कोचिंग इंस्टीट्यूट, मसौढ़ी आसरा कोचिंग इंस्टीट्यूट, मसौढ़ी टार्गेट कोचिंग, मनेर, निरंजन कोचिंग, दानापुर शामिल हैं।
उधर रविवार को डीएम डॉ. चंद्रशेखर सिंह ने पटना जंक्शन का निरीक्षण किया और मंडल रेल प्रबंधक, दानापुर के साथ बैठक कर रेलगाड़ियों के परिचालन को जल्द सामान्य करने पर चर्चा की। डीएम ने कहा कि विधि-व्यवस्था को लेकर प्रशासन द्वारा लगातार सतर्कता एवं चौकसी बरती जा रही है। भारत बंद को लेकर भी दंडाधिकारी और पुलिस पदाधिकारी प्रतिनियुक्त किए गए हैं।