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अंडमान-निकोबार से चार्टर्ड प्लेन ने वापस लौटेंगे झारखंड के मजदूर, CM हेमंत सोरेन की पहल रंग लायी

1st Bihar Published by: Updated Jun 03, 2020, 9:09:52 PM

अंडमान-निकोबार से चार्टर्ड प्लेन ने वापस लौटेंगे झारखंड के मजदूर, CM हेमंत सोरेन की पहल रंग लायी

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DESK : अंडमान-निकोबार द्वीप में फंसे झारखंड के मजदूर चार्टर्ड प्लेन से अपने घऱ वापस लौटेंगे. झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इसकी पहल की थी. मुख्यमंत्री की पहल के बाद एक निजी कंपनी ने झारखंड के मजदूरों के लिए चार्टर्ड प्लेन देने का एलान किया है.


झारखंड के मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से दी गयी जानकारी के मुताबिक दिल्ली की कंपनी Delhi Inter-Link Food Private Limited ने अंडमान और निकोबार में फंसे झारखंड के प्रवासी मजदूरों को चार्टर्ड फ्लाइट से वापस राज्य भेजने की पेशकश की है. कंपनी ने कहा है कि वह कल यानि 4 जून को पोर्ट ब्लेयर में अपना चार्टर्ड प्लेन भेजेगी जिससे झारखंड के मजदूर वापस रांची लौट पायेंगे. गौरतलब है कि अंड़मान-निकोबार में झारखंड के कई मजदूर फंसे हैं. रेल और बस की सुविधा न होने के कारण उनकी वापसी नहीं हो पा रही थी. झारखंड के मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार से चार्टर्ड प्लेन भेजने को कहा था. लेकिन बात बनी नहीं. इसके बाद  मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने प्रवासी मजदूरों को झारखंड वापस लाने के लिए इंडस्ट्री और कॉरपोरेट हाउसेस से मदद मांगी थी.


पहले भी फ्लेन से लौट चुके हैं झारखंड के मजदूर
गौरतलब है कि इससे पहले भी देश के अलग अलग स्थानों पर फंसे झारखंड के मजदूर दो चार्टर्ड फ्लाइट से रांची लौट चुके हैं. लद्दाख और अंडमान में फंसे मजदूरों को दो बार में वापस लाया गया है. शुक्रवार को लद्दाख में सड़क बनाने के काम में लगे झारखंड के 60 मजदूरों को हवाई जहाज से वापस लाया गया था. जबकि अगले दिन यानि शनिवार को 180 प्रवासी मजदरों को फ्लाइट से रांची पहुंचाया गया था.


लेह-लद्दाख से लेकर अंडमान और उत्तर पूर्व के राज्यों में फंसे झारखंड के मजदूरों को लेकर सीएम हेमंत सोरेन पिछले दो सप्ताह से लगातार प्रयास कर रहे थे. हेमंत सोरेन ने 21 मई को ही केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से बात की थी. उन्होंने अमित शाह से श्रमिकों को वापस लाने के लिए हवाई यात्रा की अनुमति देने की गुजारिश की थी. सीएम की कोशिशों के बाद दूर दराज के इलाकों से मजदूर वापस लौटे हैं. वैसे झारखंड सरकार ने देश के दूसरे राज्यों से वापस लौटना चाह रहे मजदूरों का रजिस्ट्रेशन कराया था.  राज्य सरकार 7.5 लाख रजिस्टर्ड प्रवासी मजदूरों में से 4.5 लाख को अब तक उनके गृह जिलों तक पहुंचा चुकी है.