'बिहार को ठगना बंद करें मोदी -नीतीश ...', विशेष राज्य के दर्जें की मांग को लेकर RJD सांसद का हंगामा, कहा - बंद करें पिछड़ों की हकमारी

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Aug 09, 2024, 12:07:07 PM

'बिहार को ठगना बंद करें मोदी -नीतीश ...', विशेष राज्य के दर्जें की मांग को लेकर RJD सांसद का हंगामा, कहा - बंद करें पिछड़ों की हकमारी

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DELHI : बिहार को विशेष राज्य का दर्जा नहीं मिल सकता है। केंद्र की ओर लिखित रूप से यह बात बता दी गई। हालांकि, विपक्ष इस मांग को लेकर सड़क से सदन तक सरकार से सवाल पूछ रही है और केंद्र सरकार को कठघरे में खड़ा कर रही है। ऐसे में आज शुक्रवार को राजद सांसद ने सदन के बाहर जमकर हंगामा किया और पोस्टर लेकर केंद्र और बिहार सरकार का विरोध जताया है। 


बजट सत्र के बीच सदन के बाहर राजद के सासंदों ने जमकर प्रदर्शन किया है। बैनर-पोस्टर लेकर प्रदर्शन करते हुए केंद्र से बिहार को विशेष राज्य का दर्जा देने की मांग की। राजद सांसदों ने कहा कि केंद्र सरकार बिहार की अनदेखी कर रही है। इसके साथ ही इनलोगों ने कहा कि “मोदी-नीतीश बिहार को ठग रहे हैं। यह लोग बिहार को ठगना बंद करें। इनलोगों ने कहा कि सबसे पहले यह लोग बिहार को विशेष राज्य का दर्जा दें और  SC/ST/OBC का हक़ खाना बंद करें। इसके देश में जातिगत जनगणना कराओ के नारे लगाए।


राजद के सांसद  नीतीश कुमार और मोदी सरकार पर खूब बरसे। उन्होंने कहा कि केंद्र ने बिहार को विशेष राज्य का दर्जा नहीं दिया है। बस झुनझुना दिया गया है। केंद्र सरकार ने हमेशा नीतीश कुमार को झुनझुना पकड़ा दिया है। केंद्रीय बजट भी बिहार और देश को ठगने वाला है। यह कुर्सी बचाने वाला बजट है। नरेन्द्र मोदी ने आंध्र प्रदेश और बिहार को पैकेज देकर अपनी कुर्सी बचाई है।  नीतीश कुमार तो विशेष राज्य का दर्जा मांग रहे थे तो विशेष पैकेज से क्या होगा? यहां कल-कारखाना खुलना चाहिए, रोजगार मिलना चाहिए। यह विशेष पैकेज भी पुराना है।


यह लोग बिहार के लोगों के साथ बेईमानी कर रहे हैं। किसी भी कीमत पर बिहार को विशेष राज्य का दर्जा मिलेगा। उन्होंने कहा कि हम काफी समय से इसकी मांग कर रहे हैं। नीतीश कुमार यह (दर्जा) दिलाने में नाकाम रहे। बिहार में कोई कारखाना नहीं है. इसलिए विशेष राज्य का दर्जा चाहिए।  नीतीश कुमार, जीतनराम मांझी की वजह से मोदी सरकार चल रही है।  इन लोगों (नीतीश कुमार और मांझी) को पीएम मोदी से इसके लिए बोलना चाहिए। राज्य विभाजन के बाद जब झारखंड अलग हुआ, तभी से बिहार की ये डिमांड रही है।