Bihar Politics: बिहार BJP ने 'जिलाध्यक्ष- मंडल अध्यक्ष' नियुक्त करने का नियम किया सख्त, नए फार्मूले से छंट जाएंगे कई नेता, क्या है नई व्यवस्था...

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Dec 05, 2024, 4:07:38 PM

Bihar Politics: बिहार BJP ने 'जिलाध्यक्ष- मंडल अध्यक्ष' नियुक्त करने का नियम किया सख्त, नए फार्मूले से छंट जाएंगे कई नेता, क्या है नई व्यवस्था...

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Bihar Politics:  बिहार बीजेपी अपने संगठन में बड़े बदलाव की तैयारी में है. मंडल से लेकर संगठन जिलों की संख्या में वृद्धि की जा रही है. इतना ही नहीं मंडल अध्यक्ष और जिलाध्यक्ष बनने को लेकर कई शर्तें लागू की गई हैं. पार्टी नेतृत्व ने संगठन महापर्व में नियम को सख्ती से लागू किया है. इस नियम के तहत बड़ी संख्या में ऐसे नेता हैं, जो जिलाध्यक्ष बनने से वंचित हो जाएंगे. 

भाजपा में मंडल अध्यक्ष और जिलाध्यक्ष बनने का नियम सख्त 

बिहार भाजपा मंडल अध्यक्ष और जिलाध्यक्ष नियुक्त करने को लेकर जोर-शोर से लगा है. 15 दिसंबर 2024 तक सभी मंडलों में नए अध्यक्ष की नियुक्ति करने का लक्ष्य रखा गया है. वहीं, 30 दिसंबर तक सभी संगठन जिलों में जिलाध्यक्ष की नियुक्ति हो जाएगी. इसे लेकर प्रदेश स्तर पर पार्टी की जिला कोर कमेटी की बैठक जारी है. पंद्रह से अधिक संगठन जिलों की बैठक पूरी हो गई है. पार्टी नेतृत्व ने इस बार मंडल अध्यक्ष और जिलाध्यक्ष बनाने को लेकर नियम सख्त कर दिया है. वैसे नेता जो 45 वर्ष से अधिक हैं, वे अब मंडल अध्यक्ष नहीं बन सकते हैं. साथ ही जो नेता 60 वर्ष की आयु पूरी कर चुके हों, उन्हें इस बार जिलाध्यक्ष नहीं बनाया जाएगा. इतना ही नहीं, जिन्हें पार्टी में आए हुए छह साल से कम हुआ है, वे भी जिलाध्यक्ष की रेस से बाहर रहेंगे. इसके अलावे जो नेता दो बार जिलाध्यक्ष का दायित्व संभाल चुके हैं, वे भी जिलाध्यक्ष नहीं बनेंगे. 

 मंडल और संगठन जिला में होगी वृद्धि- जायसवाल  

इधर, बिहार भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. दिलीप जायसवाल ने कहा है कि पार्टी की जिलास्तरीय कोर कमेटी की बैठक चल रही है. 3 दिन और यह बैठक चलेगी . उन्होंने बताया की पार्टी में 45 संगठन जिला है. हम लोग अपनी पार्टी में परिसीमन कर रहे हैं. संगठन जिला को 45 से बढ़कर 51 या उससे ज्यादा करेंगे. 6 से 7 संगठन जिला और बढ़ाएंगे. जिससे 2025 का विधानसभा चुनाव प्रबंधन आसानी से हो सकेगा.दिलीप जायसवाल ने आगे कहा कि इसी तरह मंडल की भी संख्या बढ़ाई जाएगी. जिस मंडल में 60-70 बूथ है, उसे काटकर नया मंडल बनेगा. हमारी पार्टी का अपना स्वरूप होगा. पार्टी का संगठन कैसे धारदार बने, इस पर विस्तार से चर्चा हो रही है.

विवेकानंद की रिपोर्ट