1st Bihar Published by: 5 Updated Jul 09, 2019, 9:27:11 PM
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PATNA : नीतीश सरकार के ड्रीम प्रोजेक्ट्स में से एक स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना पर दलालों ने ऐसा शिकंजा कसा की हजारों छात्रों का भविष्य अधर में फंसा दिया। नीतीश सरकार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के तहत 4 लाख रुपए तक का एजुकेशन लोन छात्रों को देती है लेकिन इस योजना पर कुंडली मारकर बैठे दलालों ने इसे कमाई का जरिया बना लिया। स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना में दलालों में ऐसा नेटवर्क बिछाया की बिहार के लगभग 4 हजार से ज्यादा छात्रों का भविष्य अधर में लटक गया है। दरअसल इस योजना के तहत सरकार छात्रों को ऐसे शिक्षण संस्थानों में एडमिशन के लिए एजुकेशन लोन देती है जो शिक्षा मानकों पर खरा उतरता हो लेकिन दलालों ने इसे कमाई का जरिया बनाते हुए राज्य के बाहर तय मानकों का पालन नहीं करने वाले शिक्षण संस्थानों में हजारों छात्रों का नामांकन करा दिया। दलालों के इस कारनामे का खुलासा नहीं हो पाता अगर राजस्थान के जगन्नाथ विश्वविद्यालय में एडमिशन के लिए एक साथ 700 से अधिक छात्रों के एजुकेशन लोन का आवेदन नहीं मिलता। एक ही शिक्षण संस्थान में सैकड़ों छात्रों के नामांकन के लिए एजुकेशन लोन के आवेदन मिलने से राज्य शिक्षा वित्त निगम के कान खड़े हो गए। मामले की जांच हुई तो सारा खेल सामने आ गया। दलालों के नेटवर्क को खत्म करने के लिए बिहार सरकार ने अब नियमों में बदलाव किया है। स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के तहत अब राज्य से बाहर पढ़ाई करने वाले उन्हीं बिहारी छात्रों को एजुकेशन लोन मिलेगा जो ऐसे शिक्षण संस्थानों में एडमिशन लें जो यूजीसी, नैक और एनआईआरएफ की इंडिया रैंकिंग में शामिल हों।