1st Bihar Published by: Updated Jan 04, 2022, 9:31:59 AM
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DESK : हाल ही में देश में हेट स्पीच की कई घटनाएं सामने आई है. चाहें वह मुसलमानों के खिलाफ हो या महात्मा गांधी के. इसको लेकर अभी तक बीजेपी के किसी भी शीर्ष नेता का बयान नहीं आया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद तो कई बार भाईचरे की बात करते हैं, लेकिन हेट स्पीच वालों को कोई कड़ा संदेश नहीं देते.
अब उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने इस बार बड़ा बयान दिया है. वेंकैया नायडू ने नफरत फैलाने वाले भाषणों के खिलाफ बोलते हुए कहा कि नफरत फैलाने वाले भाषण देश की संस्कृति, संविधान और लोकाचार के खिलाफ होते हैं. वेंकैया नायडू ने कहा कि हर व्यक्ति को अपना पसंदीदा धर्म अपनाने का और उसके प्रचार का अधिकार है.
उपराष्ट्रपति के इस बयान की राजद के राज्यसभा सांसद मनोज झा ने सरहना की है. उन्होंने लिखा है कि कम से कम एक संवैधानिक पद पर बैठे किसी ने तो बोला. मनोज झा ने कहा कि जिस तरह देश में नफरत फैलाई जा रही है ऐसे में हमें उपराष्ट्रपति की इस बात को दोहराने के लिए और अधिक आवाजों की जरूरत है. उन्होंने कहा कि 'नफरत का सामान्यीकरण' सब कुछ नष्ट कर देता है.

बता दें कि उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू सोमवार को केरल के कोट्टयम जिले में कैथोलिक समुदाय के एक आध्यात्मिक नेता और समाज सुधारक संत कुरियाकोस इलियास चावरा की 150वीं पुण्यतिथि के अवसर पर निकटवर्ती मन्नानम में आयोजित एक समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे थे.
वेंकैया नायडू ने कहा कि नफरत फैलाने वाले भाषण और लेखन संवैधानिक अधिकारों और हमारी संस्कृति के खिलाफ हैं. उन्होंने कहा कि अन्य धर्मों की बुराई करने और समाज में मतभेद पैदा करने के प्रयासों के खिलाफ हमें खड़ा होना होगा. उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को देश में अपने धर्म को मानने और उसका पालन करने का अधिकार है, लेकिन नफरती लोगों से हमें दूर रहना होगा.