1st Bihar Published by: Updated Nov 29, 2020, 8:13:51 AM
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RANCHI : बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और चारा घोटाले के सजायाफ्ता लालू प्रसाद के ऑडियो प्रकरण मामले में पुलिस और जेल प्रशासन आमने-सामने हो गए हैं. बीजेपी के विधायक ललन पासवन के साथ फोन पर बातचीत करने के मामले में स्थानीय जेल प्रशासन ने रांची के डीसी को अपनी जांच रिपोर्ट सौंप दी है. सबसे हैरान करने वाली बात ये है कि जेल प्रशासन ने पुलिस के ऊपर ही सवाल उठाया है.
जांच रिपोर्ट के मुताबिक जेल प्रशासन का कहना है कि अगर राजद सुप्रीमो के पास मोबाइल पहुंचा तो इसमें पुलिस की ही गलती है. सही तरीके से जांच नहीं होने के कारण ही लालू यादव तक मोबाइल पहुंचा होगा. हालांकि रिपोर्ट में अभी भी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि सजायाफ्ता लालू यादव ने फ़ोन पर बातचीत की है या नहीं.
इस प्रकरण मे डीसी से कहा गया है कि ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों के ऊपर कार्रवाई की अनुशंसा की जा सकती है. जेल प्रशासन की ओर से यह स्पष्ट कर दिया गया है कि लालू यादव की सुरक्षा की जिम्मेदारी जिला पुलिस की होती है, इसमें जेल प्रशासन की कोई भी जवाबदेही नहीं है.
आपको ये भी बता दें कि लालू यादव के इस ऑडियो क्लिप के मामले में फोरेंसिक जांच कराने की तैयारी है. पुलिस ऑडियो क्लिप की फोरेंसिक जांच कराएगी. इसके लिए बरियातू पुलिस एसएसपी को आवेदन देगी. एसएसपी की ओर से परमिशन मिलने के बाद ऑडियो क्लिप को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा जायेगा.