लोकसभा चुनाव के समय कांग्रेस को IT से बड़ी राहत, कहा - फिलहाल नहीं लेंगे कोई बड़ा एक्शन, जारी हुआ था नोटिस

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Apr 01, 2024, 12:54:18 PM

लोकसभा चुनाव के समय कांग्रेस को IT से बड़ी राहत, कहा - फिलहाल नहीं लेंगे कोई बड़ा एक्शन, जारी हुआ था नोटिस

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DESK : देश के अंदर लोकसभा चुनाव को लेकर तारीखों का एलान हो गया है। इस बार का भी आम चुनाव सात चरणों में पुरे करवाए जाएंगे। इस बीच देश की सबसे पुरानी पार्टी के लिए राहत भरी खबर है। आयकर विभाग के तरफ से इस पार्टी को बड़ी सहूलियत प्रदान की गई है। आयकर विभाग ने यह कहा है कि - वो चुनाव के समय किसी भी तरह का कोई एक्शन नहीं लेगा। 


दरअसल, कांग्रेस को आयकर विभाग ने 3500 करोड़ रुपये की वसूली का नोटिस दिया है। इसे लेकर पार्टी चिंता में है और चुनाव के समय इस एक्शन को लेकर सवाल भी खड़े किए जा रहे हैं। ऐसे में आयकर विभाग ने सुप्रीम कोर्ट में जो बात कही है, वह कांग्रेस के लिए बड़ी राहत का सबब हो सकती है। अदालत में आयकर विभाग ने सोमवार को कहा कि - वह लोकसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस पर कोई सख्त ऐक्शन नहीं लेगा। यही नहीं विभाग ने अदालत से कहा कि इस मामले को जून तक के लिए स्थगित कर दिया जाए और चुनाव के बाद ही सुनवाई हो। आयकर विभाग ने कहा कि हम लोकसभा चुनाव के बीच किसी पार्टी की परेशानी नहीं बढ़ाना चाहते। जिसके बाद इस मामले में अदालत ने अगली सुनवाई अब 24 जुलाई को करने का फैसला लिया है।


वहीं, इससे पहले कांग्रेस ने आरोप लगाया था कि केंद्र सरकार इनकम टैक्स डिपार्टमेंट का इस्तेमाल करके पार्टी को अस्थिर करना चाहती है। लोकसभा चुनाव से ठीक पहले जानबूझकर ऐसी कार्रवाई की जा रही है। जिसके बाद बाद सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सुप्रीम कोर्ट से कहा कि - अभी चुनाव चल रहे हैं। ऐसे में विभाग नहीं चाहता कि किसी पार्टी को चुनाव के बीच कोई परेशानी हो। 


मालूम हो कि, कांग्रेस ने अदालत का रुख करते हुए हाई कोर्ट के 2016 के फैसले को चुनौती दी थी। जिसके आधार पर इनकम टैक्स डिपार्टमेंट उसे नोटिस जारी कर रहा है। इतना ही नहीं  आयकर विभाग की कार्रवाई को लेकर खुद राहुल गांधी ने तीखा हमला बोला था। पिछले दिनों कांग्रेस कार्यसमिति की मीटिंग के बाद राहुल गांधी ने कहा था कि ऐसा लग रहा है कि देश में लोकतंत्र खत्म हो गया है। हमारे खाते फ्रीज कर लिए गए और सैकड़ों करोड़ के नोटिस भेजे जा रहे हैं। इसके बाद भी देश की अदालत, चुनाव आयोग और मीडिया चुप हैं। सभी लोग मिलकर तमाशा देख रहे हैं। लोकतंत्र को खत्म करने की साजिश हो रही है।