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Katihar News: मन्नत पूरी होने पर माता रानी के दरबार में पहुंचा मुस्लिम परिवार, बकरे की बलि देकर की पूजा-अर्चना

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Oct 11, 2024, 9:39:15 PM

Katihar News: मन्नत पूरी होने पर माता रानी के दरबार में पहुंचा मुस्लिम परिवार, बकरे की बलि देकर की पूजा-अर्चना

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KATIHAR: कटिहार में मां दुर्गा के प्रति सच्ची आस्था और विश्वास जताते हुए एक मुस्लिम परिवार महानवमी के मौके पर माता रानी के दरबार में पहुंचा। जहां मन्नत पूरी होने के बाद बकरे की बलि देकर खुशी का इजहार किया। जायदा खातून के बेटे की शादी के बाद 5 साल बाद भी संतान प्राप्ति नहीं हो रही थी। जिसके बाद वो कटिहार के मां दुर्गा के मंदिर पहुंची और माता रानी से मन्नत मांगी थी जो पूरी हो गई। मनोकामना पूरी होने के बाद परिवार के साथ मंदिर पहुंचकर जायदा खातून ने मां दुर्गा की पूजा- अर्चना की।


कटिहार के दुर्गा स्थान स्थित बड़ी दुर्गा मंदिर में मां दुर्गा के दरबार में आने पर सभी के मनोकामना पूर्ण होती है। यही नहीं मुस्लिम परिवार पर भी मां दुर्गा मेहरबान है। यही कारण है कि मन्नत पूरा होने पर मुस्लिम परिवार मां दुर्गा के दरबार में पहुंचा और पूरी श्रद्धा भक्ति के साथ पूजा-अर्चना की।


कटिहार के हसनगंज प्रखंड के खोरबा पंचायत के रहने वाली जायदा खातून कहती है कि उनके पुत्र की शादी के 5 साल तक उनके घर की बहू को संतान प्राप्ति नहीं हो रही थी। डॉक्टर और कई जगह पर जाकर वह थक चुकी थी। इसी दौरान वह दुर्गा स्थान स्थित दुर्गा मंदिर होकर गुजर रही थी और वह माता के दरबार पहुंच गई और अपनी मन्नत को माता के समक्ष रखा और मन्नत पूर्ण होने पर वो बकरे की बलि देने और प्रसाद चढ़ाने की कामना की जिसके बाद उनकी बहू को पुत्री की प्राप्ति हुई।


 जिसके बाद वह खुश होकर मां दुर्गा के दरबार पहुंची और पाठा की बलि चढ़ा कर और माता के दरबार में प्रसाद भेंट कर मां दुर्गा के प्रति आस्था जतायी। वही दुर्गा मंदिर कमेटी के प्रभाकर झा ने बताया कि इस दुर्गा मंदिर में माता के दरबार में सभी धर्म जाति के लोग यहां पहुंचते हैं । वहीं आज एक मुस्लिम परिवार भी पहुंची और माता के दरबार में मन्नत मांगी थी वह पूर्ण हुआ है । मन्नत पूर्ण होने पर वो यहां पहुंची और  पाठा बाली दिया है और प्रसाद चढ़ाया है। माता के दरबार में सभी धर्म के लोग एक समान है यहां सभी जाति धर्म के लोग  आते है और यहां कोई भेदभाव नहीं है।