‘जो वास्तविक सेवक : उसमें अहंकार नहीं आता’ : मोहन भागवात बोले- चुनाव में मर्यादा का ख्याल नहीं रखा गया : बयान से मचेगा घमासान

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Jun 11, 2024, 10:44:49 AM

‘जो वास्तविक सेवक : उसमें अहंकार नहीं आता’ : मोहन भागवात बोले- चुनाव में मर्यादा का ख्याल नहीं रखा गया : बयान से मचेगा घमासान

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DESK : लोकसभा चुनाव के नतीजे सामने आने के बाद आरएसएस प्रमुख मोहन भागवान की पहली प्रतिक्रिया सामने आई है। सोमवार को एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए संघ प्रमुख ने इशारों-इशारों में केंद्र सरकार को अपना संदेश दे दिया। मोहन भागवत ने कहा कि एक सच्चे सेवक में अहंकार नहीं होता और वह दूसरों को नुकसान पहुंचाये बिना अपना काम करता है। चुनाव प्रचार का जिक्र करते हुए मोहन भागवत ने कहा कि चुनाव अभियान में मर्यादा का ख्याल नहीं रखा गया।


दरअसल, आरएसएस चीफ मोहन भागवत स्वयंसेवकों के लिए आयोजित एक ट्रेनिंग कैंप के समापन के मौके पर कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मोहन भागवत ने कहा कि जो वास्तविक सेवक है, जिसको वास्तविक सेवा कहा जा सकता है वह मर्यादा में रहकर चलता है। मर्यादा का पालन करके जो चलता है, वह कर्म करता है। लेकिन कर्मों में लिप्त नहीं होता, जिसमें यह अहंकार नहीं आता है कि मैंने ही सबकुछ किया है। वही सेवक कहलाने का अधिकारी भी होता है।


मोहन भागवत ने लोकसभा चुनाव के दौरान प्रचार अभियान का जिक्र करते हुए कहा कि चुनाव के दौरान जिस तरह की बातें कही गईं, जिस तरह से दोनो पक्षों ने एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाए, जिस तरह से किसी को इस बात की परवाह नहीं थी कि जो कुछ किया जा रहा है, उसके कारण सामाजिक विभाजन पैदा हो रहा है और बिना किसी कारण के संघ को भी इसमें घसीटा गया और झूठ फैलाया गया।


इस दौरान उन्होंने मणिपुर को लेकर भी चिंता जताई और पूछा कि जमीनी स्तर पर इस समस्या पर कौन ध्यान देगा? उन्होंने कहा कि प्राथमिकता के तौर पर इस समस्या से हमें निबटना होगा। पिछले एक साल से मणिपुर शांति का इंतजार कर रहा है। पिछले एक दशक से वह शांतिपूर्ण ही था। ऐसा लग रहा था कि पुराने जमानें की बंदूक संस्कृति वहां खत्म हो गई है। लेकिन यह फिर से शुरू हो गया।