1st Bihar Published by: First Bihar Updated Nov 26, 2024, 11:59:11 AM
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PATNA : बिहार में शिक्षकों के अटेंडेंस को लेकर ई शिक्षा पोर्टल तैयार किया गया। राज्य भर के शिक्षक इसी पोर्टल के जरिए अपनी हाजिरी बनाते हैं। अब बिहार विधानसभा से शीत कालीन सत्र के दूसरे दिन इसी ऐप में विसंगतियों को लेकर सवाल उठाया गया।
बिहार विधानसभा में विपक्ष के विधायक मुकेश कुमार ने कहा कि क्या मंत्री, शिक्षा विभाग, यह बतलाने की कृपा करेंगे कि क्या यह बात सही है कि बिहार राज्य के प्रारंभिक से उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों में "ई" शिक्षा ऐप पर उपस्थिति अनिवार्य किया गया है जबकि "ई" शिक्षा ऐप सही से कार्य नहीं कर रहा है, जिससे शिक्षकों को उपस्थिति दर्ज करने में कठिनाई हो रही है?
इसके साथ ही क्या यह बात सही है कि "ई" शिक्षा ऐप पर उर्दू विद्यालयों के लिये रविवार को होली डे अंकित रहता है जबकि रविवार को उर्दू विद्यालय में पठन-पाठन कार्य संचालित होते हैं ? यदि उपर्युक्त खंडों के उत्तर स्वीकारात्मक हैं, तो क्या सरकार जबतक "ई" शिक्षा ऐप सही से कार्य युक्त नहीं हो जाता है तबतक के लिये इसे बाध्यकारी नहीं बनाने का विचार रखती है, नहीं, तो क्यों ?
इसके बाद सरकार ने यह सवाल किया कि ई शिक्षा पोर्टल पर शुक्रवार को जो छुट्टी की जाती है उर्दू विद्यालय में लेकिन ऐप में केवल रविवार को छुट्टी बताई गई हैं। ऐसे में उनकी उपस्थिति काट दी जाती है। ऐसे एप और सरकारी स्कूल के टीचर को लेकर सरकार योजना बना रही है? इसके साथ ही इस कमी को कैसे दूर किया जाएगा ?
इधर शिक्षा मंत्री ने जवाब में कहा कि 95% हाजिरी इस ऐप के जरिए सही दर्ज हो रही है लेकिन इसके बावजूद भी यदि कहीं कोई कमी रह गई है तो उसकी जांच करवाई जाएगी। इसके साथ ही हमने यह भी कहा है कि शिक्षक चाहे तो फिजिकल उपस्थिति भी दर्ज करवा सकते हैं। इसके अलावा माननीय सदस्य जो सवाल उठा रहे हैं वह पर हम लोग विचार कर रहे हैं और जल्द ही इस पर हम लोग सुधार कर लेंगे। हाजिरी की वजह से या एप की कमी की वजह से किसी का वेतन को नहीं रोका गया है यह स्पष्ट कर देना चाहता हूं।