1st Bihar Published by: First Bihar Updated Jul 23, 2024, 12:16:25 PM
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PATNA : बिहार विधान परिषद के कार्यकारी सभापति अवधेश नारायण सिंह को आज सदन की कार्यवाही शुरू होते ही सर्वसमति से सभापति चुन लिया गया है। इनको राबड़ी देवी और सीएम नीतीश ने हाथ पकड़ आसान पर बैठाया। इससे पहले बीते कल मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की उपस्थिति में अवधेश नारायण सिंह सभापति पद के लिए नामांकन किया। उन्होंने विधान परिषद के सचिव अखिलेश कुमार झा को अपना नामांकन पत्र सौंपा। सभापति के तौर पर सत्ताधारी दल के साथ ही विपक्षी दलों ने भी अवधेश नारायण सिंह का समर्थन किया है। इतना ही नेता विरोधी दल राबड़ी देवी खुद प्रस्तावक भी बनी थी। उसके बाद इनका सभापति चुना जाना लगभग तय हो गया था।
जानकारी हो कि अवधेश पहली बार आठ अगस्त 2012 को सभापति बने थे। दो बार कार्यकारी सभापति रह चुके हैं। अवधेश नारायण सिंह के विप के सभापति बनने के बाद विधानसभा और विधान परिषद दोनों में अध्यक्ष और सभापति पर बीजेपी का कब्जा हो गया। । सभापति का पद जदयू के एमएलसी देवेश चंद्र ठाकुर के सीतामढ़ी से लोकसभा सदस्य चुने जाने के बाद त्यागपत्र देने से रिक्त हुआ था।
बिहार विधान मंडल का मानसून सत्र सोमवार शुरू हो गया है। पांच दिवसीय इस सत्र में विधान परिषद के 207वें सत्र का भी आयोजन होगा। सत्र शुरू होने के दुसरे दिन अवधेश नारायण सिंह को बड़ी जिम्मेदारी मिली है और वे सभापति के रूप में अब दायित्व संभालते नजर आएंगे। दो दिन पहले ही बिहार विधान परिषद के कार्यकारी सभापति अवधेश नारायण सिंह ने सर्वदलीय बैठक बुलाई थी, जिसमें सभी दलों के नेता शामिल हुए। बैठक में 207वें सत्र के सुगम एवं सफल संचालन पर चर्चा की गई।
सभापति ने सभी दलों के नेताओं से आगामी सत्र के कुशल, सफल एवं शांतिपूर्ण संचालन के लिए सार्थक सहयोग देने की बात कही। साथ ही उन्होंने कहा कि उच्च सदन की अपनी एक गरिमा होती है, जिसका सम्मान सभी सदस्यों को करनी चाहिए। आसन का हमेशा यह प्रयास होता है कि सदन निष्पक्ष रूप से नियम एवं संसदीय प्रक्रियाओं से संचालित हो।