1st Bihar Published by: First Bihar Updated Sep 23, 2024, 11:36:35 AM
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PATNA: बिहार में इन दिनों जमीन सर्वे के नाम पर लोगों से हो रही अवैध उगाही और अन्य सरकारी योजनाओं में व्याप्त भ्रष्टाचार को लेकर विपक्षी दल सरकार पर हमलावर हो गए हैं। बिहार में बढ़ते अपराध को लेकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलने वाले तेजस्वी यादव ने अब भ्रष्टाचार के मुद्दे पर डबल इंजन सरकार को घेरने की कोशिश की है।
दरअसल, बिहार में इन दिनों जमीन के सर्वे का काम चल रहा है। सरकार ने रैयतों को जमीन से जुड़े सभी दस्तावेजों को दुरुस्त करने के लिए तीन महीने का समय दे दिया है। राज्यभर में लोगों को दस्तावेज जुटाने में पसीने छूट रहे हैं। एक तरफ जहां सरकारी कार्यालयों के चक्कर काट-काट कर लोग परेशान हैं तो दूसरी तरङ सरकारी कार्यालयों में भ्रष्टाचार ने उनकी परेशानी और बढ़ा दी है।
सोशल मीडिया पर पिछले दिनों कई ऐसे वीडियो सामने आए जिनमें सरकारी दफ्तरों में जमीन के दस्तावेज और नकल के लिए रैयतों से अवैध वसूली की जा रही थी। सरकार द्वारा ऐसे कई मामलों में एक्शन भी हुआ लेकिन सरकारी विभागों के बाबू अपनी हरकतो से बाज नहीं आ रहे हैं और किसी न किसी रूम में अवैध वसूली का खेल बदस्तूर जारी है। अब इसको लेकर बिहार में सियासत शुरू हो गई है।
बिहार में बढ़त अपराध को लेकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल चुके तेजस्वी यादव ने अब भ्रष्टाचार के मुद्दे पर सरकार को घेरने की कोशिश की है। सोशल मीडिया एक्स पर तेजस्वी ने घूसखोरी का वीडियो शेयर किया है और जोरदार हमला बोला है। तेजस्वी यादव ने सरकारी कार्यालयों में व्याप्त भ्रष्टाचार के लिए सीधे तौर पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को जिम्मेवार ठहराया है।
तेजस्वी ने एक्स पर लिखा, “क्या आपके यहाँ थाना और ब्लॉक में ऐसे ही रिश्वत देकर काम किए और कराए जाते है? बिहार में खुली बोली के तहत होने वाले ट्रांस्फ़र-पोस्टिंग की बदौलत 1 अणे मार्ग से निकलने वाली भ्रष्टाचार रूपी गंगोत्री के कारण हर बिहारी डूब रहा है। नीतीश कुमार और भाजपा इस रिश्वतखोरी और संस्थागत भ्रष्टाचार के कारण मौज में है, उन्हें आम जनमानस की कहीं कोई परवाह नहीं है”।