Hate Speech Case: मुख्तार अंसारी के बेटे अब्बास अंसारी की विधायकी खत्म, हेड स्पीच मामले में दो साल की हुई है सजा

Hate Speech Case: मऊ के विधायक अब्बास अंसारी को हेट स्पीच मामले में कोर्ट ने 2 साल की सजा सुनाई है। इसके साथ ही उनकी विधायकी समाप्त हो गई है और सीट रिक्त घोषित कर दी गई है। मामला 2022 विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान दिए गए विवादित बयान से जुड़ा है।

1st Bihar Published by: FIRST BIHAR Updated Jun 01, 2025, 1:33:17 PM

Hate Speech Case

अब्बास अंसारी की विधायकी खत्म - फ़ोटो google

Hate Speech Case: मुख्तार अंसारी के बेटे और विधायक अब्बास अंसारी को हेट स्पीच मामले में मऊ कोर्ट ने शनिवार को दो साल की सजा सुनाई थी। सजा के ऐलान के साथ ही अब उनकी विधानसभा सदस्यता भी समाप्त हो गई है। विधानसभा के प्रमुख सचिव प्रदीप दुबे ने अब्बास की सीट को रिक्त घोषित करते हुए इसकी जानकारी भारत निर्वाचन आयोग को भेज दी है। रविवार को विशेष रूप से सचिवालय कार्यालय खोला गया और पत्र चुनाव आयोग को भेजा गया।


दरअसल, यह मामला वर्ष 2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के दौरान का है। चुनाव प्रचार के दौरान एक रैली में अब्बास अंसारी ने कहा था, “मैं सपा मुखिया अखिलेश यादव से कह कर आया हूं कि सरकार बनने के बाद छह महीने तक किसी की ट्रांसफर-पोस्टिंग नहीं होगी। जो जहां है, वहीं रहेगा। पहले हिसाब-किताब होगा, फिर ट्रांसफर।” इस बयान के बाद मऊ कोतवाली में सब-इंस्पेक्टर गंगाराम बिंद की शिकायत पर एफआईआर दर्ज की गई थी।


करीब तीन साल तक चली सुनवाई के बाद शनिवार को कोर्ट ने इस मामले में अपना फैसला सुनाया। सजा के बाद अब्बास की सदर विधानसभा सीट को यूपी विधानसभा सचिवालय ने रिक्त घोषित कर दिया है। नियमानुसार, अब इस सीट पर छह महीने के भीतर उपचुनाव कराया जाएगा।


बता दें कि अब्बास अंसारी पर मनी लॉन्ड्रिंग और गैंगस्टर एक्ट के तहत भी मामले दर्ज हैं। नवंबर 2022 से वे जेल में बंद थे और दो महीने पहले ही उन्हें जमानत मिली थी। उन पर आपराधिक गतिविधियों और अवैध वित्तीय लेनदेन में संलिप्त रहने के आरोप थे। अब हेट स्पीच मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद उन्हें फिर से सजा हो गई, हालांकि कोर्ट ने उन्हें उसी दिन जमानत भी दे दी।


साल 2022 के विधानसभा चुनाव में अब्बास अंसारी ने अपने पिता मुख्तार अंसारी की जगह सुभासपा-सपा गठबंधन के उम्मीदवार के रूप में मऊ सदर सीट से चुनाव लड़ा था। इस चुनाव में उन्होंने 1,24,691 वोट पाकर जीत हासिल की थी।