1st Bihar Published by: First Bihar Updated Mar 10, 2026, 8:26:31 AM
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PATNA : बिहार में राज्यसभा की पांच सीटों पर होने जा रहे चुनाव में RJD के उम्मीदवार एडी सिंह की नैया मझधार में फंसती नजर आ रही है. इस चुनाव में ओवैसी की 5 विधायकों वाली पार्टी AIMIM ने अभी राजद को समर्थन देने से इंकार कर दिया है. ओवैसी के सपोर्ट के बगैर राजद की नैया पार लगना नामुमकिन है.
ओवैसी ने अपने विधायकों को दिया निर्देश
राज्यसभा चुनाव को लेकर ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन(AIMIM) के प्रमुख Asaduddin Owaisi ने बिहार में राज्यसभा की पांच सीटों के लिए होने वाले चुनाव को लेकर अपने विधायकों को ‘देखो और इंतजार करो’ की सलाह दी है. बिहार AIMIM के अध्यक्ष अख्तरुल इमाम ने सोमवार को दिल्ली में पार्टी प्रमुख से मुलाकात की, जिसमें उन्हें ये नसीहत दी गई.
तेजस्वी और कुशवाहा दोनों ने मांगा समर्थन
अख्तरूल इमाम ने पार्टी के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी को बताया कि बिहार में पांच सीटों के लिए होने वाले चुनाव को लेकर अब तक आरजेडी नेता Tejashwi Yadav और रालोमो के अध्यक्ष Upendra Kushwaha ने उनसे संपर्क किया है। पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता आदिल हसन ने बताया कि अभी पार्टी आलाकमान ने सिर्फ इंतजार करने को कहा है, क्योंकि चुनाव में अभी 6 दिन बाकी हैं।
5 सीटों पर 6 उम्मीदवार
बिहार में राज्यसभा की पांच सीटों के लिए चुनाव प्रक्रिया जारी है। नाम वापसी की तय समय सीमा सोमवार दोपहर तीन बजे तक समाप्त हो गई, लेकिन किसी भी उम्मीदवार ने अपना नाम वापस नहीं लिया। इस तरह सभी छह उम्मीदवार चुनाव मैदान में बने हुए हैं। इन सीटों के लिए 16 मार्च को मतदान होगा।
NDA के पांच उम्मीदवार
राज्यसभा चुनाव में सत्तारूढ़ NDA सभी 5 सीटों पर जीत की तैयारी में है. उसके पांच उम्मीदवारों ने पिछले गुरुवार को नामांकन दाखिल किया था। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन के अलावा रामनाथ ठाकुर, शिवेश राम और उपेंद्र कुशवाहा को उम्मीदवार बनाया है। वहीं RJD की ओर से ए डी सिंह (Amarendra Dhari Singh) को मैदान में उतारा गया है।
इनमें जदयू के रामनाथ ठाकुर, रालोमो के उपेंद्र कुशवाहा और राजद के अमरेंद्रधारी सिंह वर्तमान में राज्यसभा सांसद हैं और इन्हें फिर से उम्मीदवार बनाया गया है। हालांकि जदयू ने राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह (Harivansh Narayan Singh) का टिकट इस बार काट दिया है।
संख्या बल में एनडीए मजबूत
राज्यसभा चुनाव जीतने के लिए एक उम्मीदवार को 41 विधायकों के वोट की जरूरत होती है। बिहार विधानसभा में एनडीए के पास कुल 202 विधायक हैं। ऐसे में उसके चार उम्मीदवारों की जीत तय मानी जा रही है। चार सीटें जीतने के बाद भी एनडीए के पास 38 विधायक बचेंगे, इसलिए उसकी नजर पांचवीं सीट पर भी टिकी हुई है। पांचवीं सीट पर जीत के लिए NDA को सिर्फ तीन और वोट की जरूरत पड़ेगी.
दूसरी ओर महागठबंधन के पास कुल 35 विधायक हैं। इनमें राजद के 25, कांग्रेस के 6, माले के 2 और सीपीएम व आईआईएम के एक-एक विधायक शामिल हैं। इसके अलावा एआईएमआईएम के पास पांच और बसपा के पास एक विधायक है। ऐसे में राजद उम्मीदवार को जीत के लिए इन तमाम दलों के समर्थन की जरूरत होगी।
आज महागठबंधन की बैठक
उधर, अपने उम्मीदवार की जीत के लिए तेजस्वी ने कमर कसी है। उन्होंने महागठबंधन के विधायकों की बैठक भी बुलाई है। यह बैठक नेता प्रतिपक्ष Tejashwi Yadav की अध्यक्षता में उनके सरकारी आवास पर होगी। बैठक में विधायकों को बताया जाएगा कि पार्टी उम्मीदवार के पक्ष में किस तरह मतदान करना है, ताकि कोई वोट बेकार न जाए। तेजस्वी से भी तय करना चाहते हैं कि उनके पाले के विधायकों में टूट न हो.
भाजपा ने नियुक्त किए केंद्रीय पर्यवेक्षक
राज्यसभा चुनाव में NDA विधायकों की एकजुटता और सारे उम्मीदवारों की जीत तय करने के लिए भाजपा ने छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री Vijay Sharma और केंद्रीय राज्यमंत्री Harsh Malhotra को बिहार के लिए केंद्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त किया है। भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने इन दोनों नेताओं को यह जिम्मेदारी सौंपी है।
2020 में चुने गए थे पांच सांसद
बता दें कि बिहार से 2020 में पांच उम्मीदवार राज्यसभा के लिए चुने गए थे। इनमें राजद के अमरेंद्रधारी सिंह और प्रेमचंद गुप्ता, जदयू के हरिवंश नारायण सिंह और रामनाथ ठाकुर तथा भाजपा के विवेक ठाकुर शामिल थे। इनका कार्यकाल 9 अप्रैल 2026 तक है।
वर्ष 2024 में लोकसभा चुनाव जीतने के बाद विवेक ठाकुर ने राज्यसभा से इस्तीफा दे दिया था। उनकी जगह 2024 के उपचुनाव में रालोमो के उपेंद्र कुशवाहा को उम्मीदवार बनाया गया था और वे जीतकर राज्यसभा पहुंचे थे।