Amit Shah Seemanchal Visit: अमित शाह का सीमांचल दौरा, अवैध घुसपैठ और फर्जी आधार केंद्रों पर सख्त कार्रवाई के दिए निर्देश

सीमांचल दौरे के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अवैध घुसपैठ और फर्जी आधार कार्ड नेटवर्क पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। सीमावर्ती जिलों में संदिग्ध आधार केंद्रों की जांच और जनसांख्यिकीय बदलाव की निगरानी मिशन मोड में की जाएगी।

1st Bihar Published by: FIRST BIHAR Updated Feb 28, 2026, 5:57:55 PM

Amit Shah Seemanchal Visit

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Amit Shah Seemanchal Visit: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के सीमांचल दौरे के बाद अवैध घुसपैठ के खिलाफ कार्रवाई तेज करने की रणनीति तैयार कर ली गई है। उन्होंने नकली आधार कार्ड के जरिए हो रही घुसपैठ पर रोक लगाने के लिए सीमावर्ती जिलों में संचालित संदिग्ध आधार केंद्रों के खिलाफ तत्काल एक्शन का निर्देश दिया है।


अपने दौरे के दौरान अमित शाह ने पहले किशनगंज, फिर अररिया और अंत में पूर्णिया में सीमावर्ती जिलों के अधिकारियों के साथ मैराथन बैठक की। बैठक में केंद्रीय व राज्य गृह मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ एसएसबी, बीएसएफ, आसूचना इकाई और ईडी के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे। बैठक का मुख्य फोकस नेपाल-भारत सीमा की सुरक्षा, अवैध घुसपैठ और जनसांख्यिकीय बदलाव पर रहा।


गृह मंत्री ने विशेष रूप से घुसपैठ और जनसंख्या संरचना में बदलाव के मुद्दे पर गंभीर चिंता जताते हुए अधिकारियों को तत्काल एक्शन मोड में आने का निर्देश दिया। उन्होंने सीमावर्ती जिलों में बड़ी संख्या में खुले आधार केंद्रों की जांच कर सख्त कार्रवाई शुरू करने को कहा। संभावना है कि ऐसे केंद्रों के खिलाफ जल्द अभियान चलाया जाएगा।


बताया गया कि गृह मंत्रालय को मिली एक रिपोर्ट में सीमावर्ती इलाकों में फर्जी आधार कार्ड को घुसपैठ का आसान और खतरनाक माध्यम बताया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, संगठित गिरोह के जरिए फर्जी दस्तावेज तैयार कर विदेशी नागरिकों की पहचान छिपाई जा रही है, जिससे वे खुद को वैध नागरिक साबित करने में सफल हो जाते हैं। इसी आधार पर मिशन मोड में कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।


बैठक में अधिकारियों को 1951 से 2011 तक की जनगणना के आंकड़ों का विश्लेषण कर जनसांख्यिकीय बदलाव के अन्य कारकों की पहचान करने को भी कहा गया। गृह मंत्री ने स्पष्ट किया कि किसी विशेष समुदाय की जनसंख्या में अप्रत्याशित वृद्धि गंभीर संकेत है और यदि समय रहते कदम नहीं उठाए गए तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।


इसके अलावा सीमावर्ती जिलों में नए गांवों और टोलों की विस्तृत जांच तथा संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान के लिए विशेष सर्वेक्षण को आधार बनाने का निर्देश दिया गया। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर संयुक्त अभियान चलाएंगे और विभिन्न एजेंसियां समन्वय के साथ काम करेंगी। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, जल्द ही जमीनी स्तर पर कार्रवाई दिखाई देने लगेगी और इसकी सतत मॉनिटरिंग भी की जाएगी।