Bihar Budget Session 2026: बिहार विधानमंडल के बजट सत्र का आगाज, सेंट्रल हॉल में राज्यपाल का अभिभाषण शुरू

Bihar Budget Session 2026: बिहार बजट सत्र 2026 की औपचारिक शुरुआत हो गई है। सेंट्रल हॉल में राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान का अभिभाषण शुरू हुआ, जिसमें सरकार की उपलब्धियों और आगामी विकास योजनाओं की जानकारी दी जा रही है।

1st Bihar Published by: FIRST BIHAR Updated Mon, 02 Feb 2026 11:30:05 AM IST

Bihar Budget Session 2026

- फ़ोटो bihar vidhansabha tv

Bihar Budget Session 2026: बिहार विधानमंडल के बजट सत्र का आज से आगाज हो गया। आज पहले दिन सेंट्रल हॉल में राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान का अभिभाषण शुरू हो गया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के अलावे पक्ष और विपक्ष के सभी नेता सदन में पहुंचे हैं। अभिभाषण के दौरान राज्यपाल सरकार के कामकाज का लेखाजोखा और आगामी विकास कार्यों की जानकारी सदन को दे रहे हैं।


अपने अभिभाषण के दौरान राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खाने ने सरकार की उपलब्धियों को बताते हुए कहा कि राज्य में अब पुलिसकर्मियों की संख्या 1,31000 हो चुकी है। महिला सिपाही की संख्या पूरे देश में सबसे अधिक है। बिहार में राज्य में बड़ी संख्या में नए थानों की स्थापना की गई। पहले राज्य में कुल 814 थाने थे जिनकी संख्या अब बढ़कर 1380 हो गई है। आपातकालीन स्थिति जैसे घटना से निपटने के लिए डायल 112 काम कर रही है। 


राज्यपाल ने कहा कि अब राज्य में किसी प्रकार के भय और डर का वातावरण नहीं है तथा समाज में प्रेम भाईचारा और शांति का माहौल है। राज्य में सामाजिक सौहार्द एवं सामाजिक सदभाव का माहौल कायम है। सांप्रदायिक तनाव की घटनाएं सामने आने पर पुलिस और प्रशासन के द्वारा तेजी से कार्रवाई की जा रही है। राज्य सरकार द्वारा वर्ष 2006 से ही मुस्लिम समुदाय के कब्रिस्तानों की घेराबंदी की योजना शुरू की गई है।


अबतक बड़ी संख्या में कब्रिस्तानों की घेराबंदी की जा चुकी है।   अब समाज में शांति और सदभाव का वातावरण है। 60 साल से पुराने हिन्दू मंदिरों की भी घेराबंदी की जा रही है। शुरू से ही राज्य सरकार द्वारा शिक्षा पर विशेष ध्यान दिया गया है। राज्य में बड़ी संख्या में नए स्कूल खोले गए हैं। 


स्कूलों में पोशाक, साइकिल, पोषाहार एवं अन्य कई योजनाएं लागू की गई हैं। विद्यालयों के आधारभूत संरचना को मजबूत किया गया है। लड़कियों की शिक्षा पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। पहले शिक्षकों की काफी कमी थी लेकिन 2006 से ही शिक्षकों की संख्या में वृद्धि हुई है।