राज्यसभा चुनाव: बिहार की पांच सीटों के लिए वोटिंग जारी, चार पर NDA की जीत तय, पांचवीं सीट पर कड़ा मुकाबला

Rajya Sabha Chunav: बिहार में राज्यसभा की पांच सीटों के लिए मतदान जारी है। चार सीटों पर एनडीए की जीत लगभग तय मानी जा रही है, जबकि पांचवीं सीट को लेकर एनडीए और महागठबंधन के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिल रहा है।

1st Bihar Published by: FIRST BIHAR Updated Mar 16, 2026, 11:33:14 AM

Rajya Sabha Chunav

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Rajya Sabha Chunav: बिहार में राज्यसभा की पांच सीटों के लिए सोमवार को मतदान हो रहा है। सुबह 9 बजे से शुरू हुई वोटिंग शाम 4 बजे तक चलेगी, जबकि शाम 5 बजे से मतगणना शुरू होगी। नतीजे भी आज ही घोषित कर दिए जाएंगे। इस मतदान में विधानसभा के सभी 243 विधायक हिस्सा ले रहे हैं।


राजनीतिक समीकरणों के मुताबिक चार सीटों पर जीत लगभग तय मानी जा रही है, जबकि पांचवीं सीट को लेकर एनडीए और महागठबंधन के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिल रहा है। इसी वजह से इस बार का चुनाव काफी दिलचस्प बन गया है।


एनडीए ने इस चुनाव में पांच उम्मीदवार उतारे हैं। इनमें मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष निति नबीन, केंद्रीय मंत्री रामनाथ ठाकुर और राष्ट्रीय लोक मोर्चा प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा की जीत लगभग तय मानी जा रही है। विधानसभा में एनडीए के पास कुल 202 विधायक हैं। ऐसे में चार सीटें जीतने के लिए जरूरी 164 वोट का आंकड़ा वह आसानी से पार कर लेता है, इसलिए इन चार उम्मीदवारों की राह लगभग साफ मानी जा रही है।


हालांकि पांचवीं सीट को लेकर मुकाबला दिलचस्प हो गया है। एनडीए ने इस सीट के लिए भाजपा नेता शिवेश राम को उम्मीदवार बनाया है, जबकि महागठबंधन की ओर से राजद के ए डी सिंह मैदान में हैं। इसी सीट को लेकर दोनों खेमों में जोड़-तोड़ और रणनीति तेज हो गई है।


महागठबंधन के पास करीब 35 वोट माने जा रहे हैं, जिनमें राजद, कांग्रेस, माले और अन्य सहयोगी दलों के विधायक शामिल हैं। यदि एआईएमआईएम के पांच और बसपा के एक विधायक का समर्थन मिल जाता है, तो महागठबंधन उम्मीदवार की जीत की संभावना बन सकती है। यही कारण है कि इस सीट को लेकर सियासी हलचल तेज है।


राज्यसभा चुनाव में जीत के लिए 41 वोट का कोटा तय किया गया है। यह ड्रॉप कोटा फॉर्मूले के आधार पर निर्धारित होता है। 243 सदस्यों वाली बिहार विधानसभा में पांच सीटों के लिए यही गणित लागू होता है। ऐसे में चार सीटों का समीकरण लगभग साफ है, लेकिन पांचवीं सीट पर कुछ वोटों का अंतर ही जीत-हार तय करेगा।