1st Bihar Published by: KHUSHBOO GUPTA Updated Feb 25, 2025, 9:59:52 AM
जमीन के बदले नौकरी मामले में आज आ सकता है फैसला - फ़ोटो google
Land For Job Case: जमीन के बदले नौकरी मामले में आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव और बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव की मुश्किलें बढ़ सकती है। जमीन के बदले नौकरी मामले में दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट आज अहम फैसला सुना सकती है। कोर्ट ने सीबीआई की ओर से पेश वकील की दलील सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रखा था। ऐसे में आज इस मामले में बड़ा फैसला आ सकता है।
लैंड फॉर जॉब केस में राउज एवेन्यू कोर्ट ने लालू यादव, सरकारी कर्मचारियों सहित 78 आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र पर संज्ञान लेने का आदेश सुरक्षित रखा था। ऐसे में आज इस मामले में अहम फैसला आ सकता है।आपको बता दें कि सीबीआई ने कहा था कि सभी सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ अभियोजन स्वीकृति मिल गई है। ऐसे में अब मामले में कोर्ट को संज्ञान लेना है।
पिछली सुनवाई में अदालत द्वारा मांगे गए स्पष्टीकरण पर जवाब देने के लिए सीबीआई ने अधिक समय की मांग की थी, जिसके बाद आदेश के लिए 21 फरवरी का दिन तय किया गया था। लैंड फॉर जॉब मामले में बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू यादव के साथ कई अफसरों को भी आरोपी बनाया गया है। इनमें से कई पर मुकदमा चलाने की मंजूरी मिल गई है। लेकिन कुछ अफसर ऐसे भी थे, जिनके खिलाफ मुकदमा चलाने की मंजूरी मिलने में देरी हुई। इनमें से एक नाम पूर्व आईएएस रजनीश कुमार महाजन यानी RK महाजन का भी है। काफी जद्दोजहद के बाद 30 जनवरी को इनके खिलाफ केस चलाने की मंजूरी मिली है। बिहार कैडर के IAS अफसर RK महाजन लालू यादव और नीतीश कुमार दोनों के करीबी रहे हैं और कई अहम पदों पर रहे हैं।
लैंड फॉर जॉब स्कैम के तहत सीबीआई का आरोप है कि लालू प्रसाद यादव ने 2004 से 2009 के बीच रेल मंत्री रहते हुए बड़ा घोटाला किया। इसके तहत रेलवे में नौकरी देने के नाम पर लालू परिवार के सदस्यों के नाम पर जमीन और प्रॉपर्टी ट्रांसफर कराई गई। जमीनों के बदले मुंबई, जबलपुर, कोलकाता, जयपुर और हाजीपुर में जोन में बड़े पैमाने पर नौकरियां दी गईं।
मालूम हो कि लैंड फॉर जॉब मामले में 20 जनवरी 2024 को ED की दिल्ली और पटना टीम के अधिकारियों ने लालू-तेजस्वी से 10 घंटे से ज्यादा समय तक पूछताछ की थी। ED सूत्रों के मुताबिक, लालू प्रसाद से 50 से ज्यादा सवाल किए गए थे। उन्होंने ज्यादातर जवाब हां या ना में ही दिए थे। पूछताछ के दौरान कई बार लालू झल्ला भी गए थे। वहीं, तेजस्वी से 30 जनवरी 2024 को लगभग 10-11 घंटे तक पूछताछ चली थी।