Bihar Politics: पटना में पप्पू यादव का विवादित बयान, बागेश्वर धाम वाले धीरेंद्र शास्त्री को बताया चोर-उचक्का

Bihar Politics: पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने बागेश्वर धाम के पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री को चोर-उचक्का बताया है. इस दौरान उन्होंने धर्म और राजनीति पर किया तीखा हमला बोला.

1st Bihar Published by: FIRST BIHAR Updated Jan 20, 2026, 1:41:38 PM

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Bihar Politics: अपने विवादित बयानों को लेकर मशहूर पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव ने एक बार फिर से विवादित बयान दे दिया है। दिल्ली जाने से पहले पटना एयरपोर्ट पर पत्रकारों से बातचीत में पप्पू यादव ने विवादित बयान दे दिया। उन्होंने कथावाचक धीरेंद्र शास्त्री को “चोर उचक्का” का दर्जा दे दिया है।


दरअसल, मध्य प्रदेश के छतरपुर स्थित बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री अक्सर अपने बयानों को लेकर चर्चा में रहते हैं। हाल ही में उत्तर प्रदेश के बांदा में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने जातिवाद पर तीखी टिप्पणी की थी। अब बिहार के पूर्णिया से सांसद पप्पू यादव ने धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री को लेकर पत्रकारों के सवाल पर विवादित बयान दे दिया है।


पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने कहा, “ये कौन हैं धीरेंद्र? आप लोग चोर-उचक्के को कथावाचक बना रहे हैं। क्या ये ओशो हैं, आचार्य राममूर्ति हैं? हमारे देश में प्रेमानंद बाबा जैसे संत हैं, जो हमेशा प्रेम और मुस्कान का संदेश देते हैं, ऐसे बाबाओं की इज्जत करनी चाहिए।” उन्होंने आगे कहा कि जिनका सनातन से कोई लेना-देना नहीं, उन्हें धर्म का ठेकेदार बनाया जा रहा है।


पप्पू यादव ने तंज कसते हुए कहा कि कुछ बाबा करोड़ों की संपत्ति और शानो-शौकत में लगे हुए हैं। उन्होंने कहा कि भारत को कृष्णवादी, गुरु नानक के मार्ग पर चलने वाला, बुद्ध और आंबेडकर के विचारों को अपनाने वाला देश बनने दिया जाए। उन्होंने सवाल उठाया कि देश को ढोंगीवाद की ओर क्यों धकेला जा रहा है।


बता दें कि कि हाल ही में बांदा में आयोजित आरएसएस के शताब्दी हिंदू सम्मेलन में पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा था कि जिस दिन तिरंगे में चांद आ गया, उस दिन किसी भी जाति या समुदाय का कोई व्यक्ति सुरक्षित नहीं रहेगा। उन्होंने साफ कहा था कि देश को आज जातिवाद नहीं बल्कि राष्ट्रवाद की जरूरत है। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी थी कि अगर हिंदू समाज जातियों में बंटा रहा तो इसका खामियाजा पूरे समाज को भुगतना पड़ेगा।