1st Bihar Published by: FIRST BIHAR Updated Feb 16, 2026, 1:15:12 PM
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Bihar Assembly: बिहार विधान परिषद की कार्यवाही जारी है। सदन में विभिन्न मुददों पर विपक्ष सरकार को घेरने की कोशिश में जुटा है। इसी बीच कांग्रेस एमएलसी ने एक हैरान करने वाला मामला उठाया। कांग्रेस एमएलसी ने कहा कि एमएलसी आवास में सुबह और देर रात चीखने की आवाजें आती हैं। उन्होंने इसके लिए पथ निर्माण विभाग को जिम्मेवार बताया।
दरअसल, कांग्रेस के एमएलसी समीर कुमार सिंह ने सदन में कहा कि शायद विभाग ने हमारे सवाल को गंभीरता से नहीं लिया। हमलोग आर ब्लॉक के एमएलसी आवास में रहते हैं और वहां हर दो चार दिन पर सुबह-सुबह या कभी देर रात में चीखने की आवाजें आती हैं। पता चलता है कि इस इलाके में कई लोग दुर्घटना में मर गए हैं।
उन्होंने कहा कि इतने महत्वपूर्ण सवाल को हमने उठाया है लेकिन जो सरकार का जवाब आया है कि बाईपास बना दिया गया है। साइन बोर्ड लगा दिया गया है अगर सरकार की व्यवस्था पर्याप्त होती तो हमे यह सवाल उठाने की जरूरत नहीं होती। हम चाहते हैं कि जितनी जान माल जा रही है। हमको लगता है कि जितनी दुर्घटना इस पुल पर हो रही है उतनी कहीं नहीं होती होगी, यह आंकड़ों से स्पष्ट हो जाएगा।
कांग्रेस सदस्य ने सदन को बताया कि पुल के लिए तीन डीपीआर बने थे। पहले डीपीआर के मुताबिक दुर्घटना कम हो सकती थी लेकिन उसे अमान्य कर दिया गया और तीसरे डीपीआर को स्वीकृति दे दी गई। इसपर सरकार की तरफ से मंत्री दिलीप जायसवाल ने सदन में जवाब देते हुए कहा कि एमएलसी आवास में भी एक्सीडेंट की संभावना बनी रहती थी।
उन्होंने कहा कि पथ निर्माण मंत्री बनने के बाद भी मैं उसी कैंपस में रहता था। अभी विभाग द्वारा एमएलसी आवास का बहुत अच्छा रोड़ बनाया जा रहा है। इसके साथ ही साथ विधानसभा और विधान परिषद में भी अच्छा रोड हम लोग बना दिए हैं। मंत्री ने कहा कि सड़क पार सरने के लिए हमलोग जब फुट ओवर ब्रिज बनाते हैं तो सप्ताह में दो चार लोग भी उसके ऊपर चढ़कर सड़क पार नहीं करते हैं और सभी शॉर्टकट रास्ता तलाश करते हैं।
मंत्री ने कहा कि अटल पथ में चार जगह बेली रोड, शिवपुरी, राजीव नगर और अशोक राजपथ में फ्लाईओवर का निर्माण किया गया है। ताकि नीचे का आवागमन आसानी से होता रहे। दुर्घटनाओं को रोकने के लिए तमाम तरह के उपाए किए गए हैं। पैदल यात्रियों के लिए चार फुट ओवर ब्रिज का प्रावधान एमएलसी आवास, पुनाईचक, महेश नगर और कुर्जी नाला लेन के पास किया गया है लेकिन फुट ओवरब्रिज का इस्तेमाल कोई नहीं करता है।
उन्होंने कहा कि स्पीड ब्रेकर के लिए जगह जगह कैमरे भी लगाए गए हैं। सरकार और विभाग के द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसके अलावा भी अगर सदस्यों के पास कोई सुझाव हो तो वह दे सकते हैं। सरकार के स्तर से भी इसको देखा जाएगा कि कैसे इसमें और भी सुधार लाया जा सकता है।