पीएम मोदी बिहार दौरा: PM मोदी-नीतीश कुमार की मुलाकात के बाद NDA में बढ़ेगी सियासी सरगर्मी, क्या नीतीश कैबिनेट को मिलेंगे 6 नये मंत्री?

PM MODI IN BIHAR: बिहार में प्रधानमंत्री मोदी के दौरे के बाद एनडीए में हलचल बढ़ गई है। माना जा रहा है कि नीतीश कुमार की सरकार मंत्रिमंडल विस्तार कर सकती है।

1st Bihar Published by: KHUSHBOO GUPTA Updated Feb 24, 2025, 11:24:03 AM

PM MODI IN BIHAR

PM मोदी-नीतीश की मुलाकात के बाद NDA में बढ़ेगी सियासी सरगर्मी, - फ़ोटो google

PM MODI IN BIHAR: बिहार में बजट सत्र से पहले और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौरे के बाद एनडीए में राजनीतिक सरगर्मी बढ़ने वाली है। सरकार मंत्रिमंडल विस्तार को अंतिम रूप दे सकती है। 243 सदस्यीय विधानसभा में मंत्रिमंडल में 36 मंत्री हो सकते हैं। अभी 30 मंत्री हैं। ऐसे में छह और मंत्रियों के नीतीश सरकार में शामिल होने की संभावना है।


माना जा रहा है कि नीतीश कुमार की सरकार मंत्रिमंडल विस्तार कर सकती है। वर्तमान में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और दो उपमुख्यमंत्रियों सहित 30 मंत्री हैं। विस्तार में भाजपा के चार और जदयू के दो विधायकों को शामिल किया जा सकता है। बिहार विधानसभा का बजट सत्र भी जल्द शुरू होने वाला है। इसके साथ ही एनडीए गठबंधन में मंत्रिमंडल विस्तार की संभावना है। ऐसे में छह नए मंत्रियों को शामिल किया जा सकता है, जिसमें चार भाजपा से और दो जेडीयू से होंगे। इस विस्तार से नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली सरकार में मंत्रियों की कुल संख्या 36 हो जाएगी। बता दें कि वर्तमान में कैबिनेट में 30 मंत्री हैं, जिनमें मुख्यमंत्री, दो उपमुख्यमंत्री और अन्य मंत्री शामिल हैं। इसके अलावा, विभिन्न आयोगों, बोर्डों और निगमों में लंबित नियुक्तियों पर भी जल्द फैसला आने की उम्मीद है।


वर्तमान में मंत्रिमंडल में भाजपा के 13 मंत्री और दो उपमुख्यमंत्री हैं, जबकि जेडीयू के 13 मंत्री और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार हैं। हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (HAM) के प्रमुख संतोष मांझी के पास दो विभाग हैं, और एक निर्दलीय विधायक सुमित कुमार सिंह भी मंत्री हैं। कुल मिलाकर नीतीश कैबिनेट में 30 मंत्री हैं। बताया जा रहा है कि विस्तार के बाद भाजपा के चार और जेडीयू के दो विधायकों को मंत्री बनाया जा सकता है। इससे मंत्रियों की कुल संख्या 36 हो जाएगी, जो 243 सदस्यीय विधानसभा के लिए अधिकतम सीमा है। सियासी जानकारों का मानना है कि मंत्रिमंडल विस्तार में सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन का ध्यान रखा जाएगा। कई जिले ऐसे हैं जिनका प्रतिनिधित्व कैबिनेट में नहीं है। ऐसे में एनडीए सरकार जिलेवार प्रतिनिधित्व को संतुलित करने का प्रयास करेगी।