Bihar Politics: बिहार में हाईटेक पोस्टर वॉर, QR कोड के जरिए लालू-राबड़ी के जंगलराज की दी जा रही जानकारी; पटना की सड़कों पर किसने लगाए?

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Mar 26, 2025, 1:18:44 PM

Bihar Politics

- फ़ोटो reporter

Bihar Politics: बिहार में इस साल के अंत में विधानसभा का चुनाव होना है। अक्टूबर-नवंबर महीने में होने वाले चुनाव को लेकर अभी से ही सियासी गतिविधियां तेज हो गई है। सत्ताधारी दल और विपक्ष की पार्टियां मतदाताओं को गोलबंद करना शुरू कर दिया हैं। पटना में लालू-राबड़ी के जंगलराज की जानकारी क्यूआर कोड के जरिए लोगों को दी जा रही है। इसको लेकर राजधानी के विभिन्न इलाकों में पोस्टर लगाए गए हैं।


दरअसल, बिहार में पोस्टर वार का सिलसिला भी लगातार जारी है। पटना के अलग अलग इलाकों में नए पोस्टर देखने को मिले हैं, जिनमें इस बार एक खास बात यह रही कि पोस्टरों पर QR कोड लगाया गया है। QR कोड स्कैन करने पर एक वेबसाइट bhuleganahibihar.com खुलती है, जो राजद सरकार के कथित कुशासन और लालू यादव के कार्यकाल को लेकर सवाल उठाती है। 


अब नए पोस्टरों में दिए गए QR कोड को स्कैन करने पर खुलने वाली वेबसाइट bhuleganahibihar.com पर लालू यादव, राबड़ी देवी और उनके दोनों बेटे तेजस्वी व तेजप्रताप यादव की तस्वीरें लगी है। वेबसाइट का मुख्य संदेश है: 'जंगलराज का अत्याचार भूलेगा नहीं बिहार'। इसके अलावा, वेबसाइट के माध्यम से बिहार को कथित कुशासन से बचाने की शपथ लेने की अपील की जा रही है।


वेबसाइट पर नीचे जाने पर एक गाना बजता है, जिसके बोल हैं 'भुलाए नाही भूले हमको, ऊ काला दिन ऊ रतिया, बताड़ लालू जी हमपे, जुलम काहे किया।' इस गीत में लालू यादव, राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव के शासनकाल में अपराध, माफियाराज, गुंडाराज, महिलाओं पर अत्याचार, बेरोजगारी और पलायन के मुद्दों को उठाया गया है। साथ ही, परिवारवाद के आरोपों के अलावा, लालकृष्ण आडवानी की रथ यात्रा रोकने, चारा घोटाले और लैंड फॉर जॉब स्कैम जैसे मामलों का भी जिक्र किया गया है। 


गाने की मुख्य लाइन है 'खूब कइले थे अत्याचार, जब जनता थी लाचार, भूलेगा नहीं बिहार, भूलेगा नहीं बिहार।' गीत के माध्यम से लालू यादव के परिवारवाद और कथित भ्रष्टाचार पर प्रहार किया गया है। इसमें कहा गया है कि जो बाप ने बोया, वही बेटा काट रहा है। इसके साथ ही, इस बात को भी उजागर किया गया है कि सत्ता मिलने पर तेजस्वी यादव ने भी उसी नीति को आगे बढ़ाया है।


वेबसाइट पर जंगलराज का कालाचिठ्ठा' नामक एक दस्तावेज भी डाउनलोड करने के लिए उपलब्ध है। इसमें लालू यादव और उनके परिवार पर भ्रष्टाचार, आपराधिक गतिविधियों, बिहार के विकास में पिछड़ने, सनातन संस्कृति के प्रति राजद के रवैये और महिलाओं पर अत्याचार के मामलों को उजागर किया गया है। फिलहाल, इन पोस्टरों को लगाने वालों की पहचान नहीं हो पाई है, लेकिन बिहार की सियासत में इनकी गूंज साफ सुनाई दे रही है। पोस्टर वार के इस नए दौर ने राजद और विपक्षी दलों के बीच बयानबाजी को और तेज कर दिया है। ऐसे में विधानसभा चुनाव से पहले बिहार की राजनीति और कितनी करवट बदलेगी, यह देखने लायक होगी।