1st Bihar Published by: First Bihar Updated Apr 06, 2025, 8:30:31 PM
प्रतीकात्मक तस्वीर - फ़ोटो Google
Bihar politics: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव और राज्यसभा सांसद रामगोपाल यादव ने रविवार को फिरोजाबाद दौरे पर कई मुद्दों पर तीखे बयान दिए। एक अस्पताल के उद्घाटन के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने वक्फ बोर्ड से जुड़े नए बिल पर प्रतिक्रिया दी और केंद्र सरकार की तीखी आलोचना की। उन्होंने कहा कि वक्फ बोर्ड एक संवैधानिक संस्था है, और सरकार द्वारा इसमें किए गए संशोधन सुप्रीम कोर्ट में टिक नहीं पाएंगे। यह विधेयक सभी धार्मिक स्थलों — मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारा — के लिए खतरा है क्योंकि इसके जरिए अधिकारी जब चाहें जमीन को नजूल की जमीन बताकर कब्जा कर सकते हैं।
करणी सेना और शोभा यात्रा पर बयान
रामगोपाल यादव ने करणी सेना की ओर से 12 अप्रैल को आगरा में प्रस्तावित प्रदर्शन पर तंज कसते हुए कहा कि "करणी सेना क्या है?" उन्होंने आरोप लगाया कि करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष गूंगा मेडी की हत्या उनके ही घर में कर दी गई और तब वे कुछ नहीं कर सके। उन्होंने यह भी कहा कि आगरा में दलितों की बड़ी आबादी है, और ऐसे में करणी सेना वहां कुछ खास नहीं कर पाएगी। पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा रामनवमी पर शोभा यात्रा रोके जाने को लेकर उन्होंने कहा कि ऐसी कोई पाबंदी नहीं है, बल्कि सोशल मीडिया के माध्यम से टीएमसी सरकार की छवि को खराब किया जा रहा है। रामगोपाल यादव ने बताया कि उनकी टीएमसी सांसदों से नियमित बातचीत होती है और ऐसा कोई प्रतिबंध वहां नहीं लगाया गया है।
अमित शाह और माओवादी मुद्दा
गृह मंत्री अमित शाह के उस बयान पर कि माओवाद और नक्सलवाद जल्द खत्म कर दिया जाएगा, रामगोपाल यादव ने कहा कि माओवाद का खत्म होना अच्छा है और सभी यही चाहते हैं, लेकिन सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि इस अभियान में निर्दोष लोग शिकार न बनें।
बीजेपी नेताओं की भाषा और तेजस्वी का समर्थन
बिहार के एक भाजपा नेता द्वारा वक्फ बिल का विरोध करने वालों को 'देशद्रोही' कहे जाने पर रामगोपाल यादव ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि ये लोग सड़कछाप गुंडों जैसी भाषा बोलते हैं, इन पर कोई ध्यान नहीं देना चाहिए। वहीं बिहार के पूर्व डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव के उस बयान पर जिसमें उन्होंने कहा था कि उनकी सरकार बनी तो वक्फ बिल को कूड़ेदान में फेंक देंगे,इसपर रामगोपाल यादव ने समर्थन जताया,और उन्होंने कहा कि यह बिल असंवैधानिक है और अदालत में नहीं टिकेगा। उन्होंने मौजूदा सरकार पर संविधान विरोधी रवैया अपनाने का भी आरोप लगाया।