बिहार के इस सिविल कोर्ट को फिर मिली बम से उड़ाने की धमकी, डॉग स्क्वॉड और बम निरोधक दस्ता का सर्च ऑपरेशन शुरू

Bihar News: बेगूसराय सिविल कोर्ट को एक बार फिर बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद पुलिस, डॉग स्क्वॉड और बम निरोधक दस्ते ने पूरे परिसर में सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया, सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।

1st Bihar Published by: FIRST BIHAR Updated Mar 09, 2026, 11:20:27 AM

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Bihar News: बेगूसराय में एक बार फिर सिविल कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया है। धमकी की सूचना मिलते ही कोर्ट परिसर और आसपास के इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। पुलिस और सुरक्षा बलों की अतिरिक्त तैनाती कर दी गई है तथा कोर्ट में आने-जाने वाले सभी लोगों की सघन जांच-पड़ताल की जा रही है।


मिली जानकारी के अनुसार, धमकी मिलने के बाद पुलिस और प्रशासन की टीम तुरंत सिविल कोर्ट पहुंची और पूरे परिसर को सुरक्षा घेरे में ले लिया गया। मुख्य प्रवेश द्वार पर पुलिसकर्मियों की तैनाती कर दी गई है और कोर्ट में प्रवेश करने वाले वकीलों, कर्मचारियों और आम लोगों की तलाशी लेने के बाद ही उन्हें अंदर जाने की अनुमति दी जा रही है।


घटना की सूचना मिलते ही बेगूसराय के एसपी मनीष खुद सिविल कोर्ट परिसर पहुंचे और सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। एसपी के नेतृत्व में बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वॉड की टीम द्वारा पूरे कोर्ट परिसर में सघन तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। 


कोर्ट के विभिन्न भवनों, जजों के चैंबर और आसपास के इलाकों में भी जांच पड़ताल की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां किसी भी संदिग्ध वस्तु या गतिविधि पर विशेष नजर रख रही हैं। इसके साथ ही कोर्ट परिसर के बाहर और आसपास के इलाकों में पुलिस की गश्ती भी बढ़ा दी गई है ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोका जा सके।


प्रशासन का कहना है कि धमकी की सूचना को गंभीरता से लिया गया है और पूरे मामले की जांच की जा रही है। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है और लोगों से सतर्क रहने की अपील की गई है। घटना के बाद कुछ समय के लिए कोर्ट परिसर में अफरा-तफरी का माहौल भी देखने को मिला, लेकिन पुलिस ने स्थिति को जल्द ही सामान्य कर दिया।


बता दें कि कि इससे पहले 28 जनवरी 2026 को भी बेगूसराय सिविल कोर्ट को ईमेल के माध्यम से उड़ाने की धमकी दी गई थी। उस समय भी कोर्ट परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया था और कुछ समय के लिए न्यायिक कार्य प्रभावित हुआ था। मेल में दोपहर 1 बजे तक कोर्ट को उड़ाने का अल्टीमेटम दिया गया था और जजों को कोर्ट से बाहर निकलने की चेतावनी दी गई थी।