Hindi News / bihar / bhagalpur-news / Bihar Land Reform : थानेदार ने करवा दिया झूठा केस ! SSP को...

Bihar Land Reform : थानेदार ने करवा दिया झूठा केस ! SSP को बोले विजय सिन्हा - SHO का तुरंत करें ट्रांसफर, हरिजन एक्ट के दुरुपयोग पर सख्त हुए मंत्री

भागलपुर में भूमि सुधार जनकल्याण संवाद के दौरान एक फरियादी ने फर्जी दस्तावेज और हरिजन एक्ट के दुरुपयोग का आरोप लगाया। मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने SSP को जांच और सख्त कार्रवाई का निर्देश दिया।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Jan 05, 2026, 2:17:14 PM

Bihar Land Reform : थानेदार ने करवा दिया झूठा केस ! SSP को बोले विजय सिन्हा - SHO का तुरंत करें ट्रांसफर, हरिजन एक्ट के दुरुपयोग पर सख्त हुए मंत्री

- फ़ोटो

Bihar Land Reform : बिहार सरकार के राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग द्वारा राज्य के विभिन्न जिलों में भूमि सुधार जनकल्याण संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। इस क्रम में सोमवार को यह कार्यक्रम भागलपुर जिले में आयोजित हुआ, जहां बड़ी संख्या में फरियादी अपनी जमीन से जुड़े मामलों को लेकर पहुंचे। कार्यक्रम के दौरान कई गंभीर शिकायतें सामने आईं, जिनमें प्रशासनिक लापरवाही और कानून के दुरुपयोग के आरोप शामिल रहे।


इसी कड़ी में एक फरियादी ने मंच पर पहुंचकर बताया कि उसकी जमीन पर फर्जी दस्तावेज लगाकर उसे विवादित बना दिया गया है। फरियादी के अनुसार, जब उसने इसका विरोध किया तो संबंधित थानेदार की मिलीभगत से उसके खिलाफ जबरन हरिजन एक्ट के तहत फर्जी मुकदमा दर्ज करवा दिया गया। फरियादी ने आरोप लगाया कि इस झूठे केस के कारण उसे मानसिक और सामाजिक प्रताड़ना झेलनी पड़ रही है।


फरियादी की शिकायत सुनते ही कार्यक्रम में मौजूद बिहार सरकार के राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने मामले को गंभीरता से लिया। उन्होंने मंच से ही भागलपुर के SSP को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि यह बेहद गंभीर विषय है कि किस तरह फर्जी दस्तावेजों के आधार पर जमीन को विवादित किया जा रहा है और फिर दबाव बनाने के लिए हरिजन एक्ट जैसे संवेदनशील कानून का दुरुपयोग किया जा रहा है।


विजय कुमार सिन्हा ने SSP से साफ शब्दों में कहा कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर कैसे बिना ठोस आधार के किसी व्यक्ति पर हरिजन एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया। मंत्री ने कहा कि यह कानून समाज के कमजोर वर्गों की सुरक्षा के लिए बना है, न कि किसी को झूठे मुकदमों में फंसाने के लिए।


मंत्री ने SSP को यह भी निर्देश दिया कि अगर जांच में यह साबित होता है कि थानेदार ने गलत तरीके से कार्रवाई की है, तो उसे तत्काल थाना से हटाया जाए। साथ ही जरूरत पड़ने पर उससे ऊपर के अधिकारियों से भी कार्रवाई करवाया जाए। उन्होंने कहा कि सरकार किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार, दबंगई और कानून के दुरुपयोग को बर्दाश्त नहीं करेगी।


विजय कुमार सिन्हा ने मंच से अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि जनता की जमीन से जुड़ी समस्याओं का समाधान करना सरकार की प्राथमिकता है। यदि अधिकारी अपनी जिम्मेदारी नहीं निभाएंगे और आम लोगों को परेशान करेंगे, तो उनके खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि भूमि सुधार जनकल्याण संवाद का उद्देश्य केवल शिकायत सुनना नहीं, बल्कि त्वरित और न्यायपूर्ण समाधान सुनिश्चित करना है।


कार्यक्रम के दौरान मंत्री ने मौजूद अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी भूमि विवादों की पुराने रिकॉर्ड के आधार पर निष्पक्ष जांच की जाए। उन्होंने कहा कि कई मामलों में जानबूझकर पुराने दस्तावेजों को नजरअंदाज कर लोगों को परेशान किया जाता है, जो पूरी तरह गलत है।


भागलपुर में आयोजित इस भूमि सुधार जनकल्याण संवाद कार्यक्रम में सामने आए इस मामले ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि किस तरह जमीन विवादों में फर्जी दस्तावेज और कानूनों का गलत इस्तेमाल किया जा रहा है। मंत्री के सख्त रुख के बाद अब सभी की निगाहें SSP की जांच रिपोर्ट और आगे की कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।