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जमुई वृद्धाश्रम मामला: नशीली दवा, धमकी और यौन शोषण का आरोप, महिला कर्मी की शिकायत पर FIR

जमुई के मान्यता प्राप्त वृद्धाश्रम में कार्यरत महिला ने सहकर्मी पर नशीली दवा देकर यौन शोषण, धमकी और मानसिक उत्पीड़न का आरोप लगाया है। टाउन थाना पुलिस जांच में जुटी है।

1st Bihar Published by: Dhiraj Kumar Singh Updated Feb 03, 2026, 3:07:44 PM

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वृद्धाश्रम कर्मी पर गंभीर आरोप - फ़ोटो REPORTER

JAMUI: जमुई जिले से एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां राज्य सरकार से मान्यता प्राप्त वृद्ध आश्रम में कार्यरत एक महिला ने अपने सहकर्मी पर तीन वर्षों तक यौन शोषण, धमकी और मानसिक उत्पीड़न का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़िता की शिकायत पर टाउन थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है, जबकि आरोपी ने सभी आरोपों को निराधार बताया है।


पीड़िता के अनुसार, आरोपी राहुल वर्तमान में वृद्धाश्रम गिरी चकाई में कार्यरत है। करीब तीन वर्ष पूर्व आरोपी ने महिला से मोबाइल नंबर लेकर फोन पर बातचीत शुरू की थी। शुरुआती बातचीत के बाद धीरे-धीरे उसने महिला पर मानसिक दबाव बनाना शुरू कर दिया। महिला का आरोप है कि आरोपी आत्महत्या कर पूरे परिवार को फंसाने की धमकी देता था और व्हाट्सएप कॉल के जरिए अश्लील हरकतें करता था। कॉल काटने पर भी वह बार-बार फोन कर जान से मारने की धमकी देता रहा।


महिला ने आरोप लगाया है कि आरोपी ने कई बार नशीली दवाओं का प्रयोग कर जमुई और मलयपुर में उसके साथ जबरन शारीरिक संबंध बनाए। इसके अलावा उसे पटना ले जाकर भी बार-बार यौन शोषण किया गया। इस दौरान आरोपी लगातार परिवार को नुकसान पहुंचाने की धमकी देता रहा। पीड़िता का कहना है कि लंबे समय तक चले इस उत्पीड़न के कारण उसकी मानसिक स्थिति गंभीर रूप से प्रभावित हो गई।


पीड़िता ने बताया कि आखिरकार उसने अपने पति को पूरी घटना की जानकारी दी, जिसके बाद परिवार ने उसका इलाज शुरू कराया। महिला का दावा है कि उसके पास आरोपी से संबंधित आपत्तिजनक तस्वीरें और अन्य साक्ष्य मौजूद हैं, जिन्हें उसने पुलिस को सौंप दिया है। उसने यह भी आरोप लगाया है कि शिकायत के बावजूद आरोपी अब भी उसे धमकी दे रहा है।


इधर, टाउन थाना पुलिस ने बताया कि महिला की शिकायत पर मामले के सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है। पुलिस के अनुसार, डिजिटल साक्ष्य, कॉल डिटेल रिकॉर्ड्स और अन्य तकनीकी तथ्यों के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि मामले की गंभीरता को देखते हुए निष्पक्ष और तथ्यपरक जांच की जा रही है तथा जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वहीं, आरोपी पक्ष ने खुद को निर्दोष बताते हुए आरोपों को बेबुनियाद करार दिया है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही सच्चाई स्पष्ट हो सकेगी।