1st Bihar Published by: First Bihar Updated Dec 15, 2025, 10:07:22 PM
मधुबनी सदर अस्पताल का हाल - फ़ोटो social media
MADHUBANI: बिहार में स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार के दावे सरकार अक्सर करती है, स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय भी पहले से बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं की अक्सर बातें करते हैं लेकिन इसकी जमीनी हकीकत क्या है? यह मधुबनी सदर अस्पताल में देखने को मिला।
जहां मधुबनी सदर अस्पताल में भर्ती महिला मरीज जब ठंड से कपकपा रही थी। तब पति ने वहां की नर्स से कंबल की मांग की। तब नर्स ने उसे फटा हुआ कंबल दे दिया। जब मरीज के पति ने कहा कि फटा हुआ कंबल है, पत्नी ठंड से कपकपा रही है, फटे हुए कंबल से ठंड कैसे जाएगी। तब नर्स ने कहा कि यही है चाहिए तो ले जाओ। मजबूरन युवक को फटा हुआ कंबल लेना पड़ गया।
लेकिन सवाल यह उठता है कि बेहतर स्वास्थ्य व्यवस्था का दावा करने वाली सरकार का इस ओर ध्यान क्यों नहीं है, ठंड में मरीज को कंबल भी नसीब नहीं हो रहा है। मधुबनी जिला मुख्यालय के मॉडल सदर अस्पताल का जब यह हाल है, तो दूर-दराज इलाकों में स्थित सरकारी अस्पतालों की स्थिति क्या होगी यह कहना मुश्किल है।
मॉडल सदर अस्पताल के दूसरे तले पर स्वास्थ्य विभाग का प्रशासनिक कार्यालय है। सदर अस्पताल से चंद दूरी पर एसडीएमआरसीएस का आवास है इसके बावजूद मॉडल सदर अस्पताल में मरीज को बुनियादी सुविधाएं नहीं मिल पा रही है। दरअसल अंधराठाढ़ी प्रखंड के हरना गांव की अखतरी खातून एक सप्ताह से हॉस्पिटल में भर्ती है, उसे अस्पताल की ओर से फटा हुआ कंबल नसीब हुआ है। उसी से वो कपकपाती ठंड से मुकाबला कर रही है।


