1st Bihar Published by: MANOJ KUMAR Updated Apr 07, 2026, 8:42:24 PM
पुलिस ने रखा था इनाम - फ़ोटो रिपोर्टर
MUZAFFARPUR: बिहार के मुजफ्फरपुर जिले से छह साल पहले रहस्यमय ढंग से लापता हुआ पश्चिम बंगाल का मजदूर सुजीत दास (29 वर्ष) अंततः महाराष्ट्र के पुणे से सकुशल बरामद कर लिया गया है। इस गुत्थी को सुलझाने के लिए पुलिस ने उत्तर प्रदेश से लेकर नेपाल तक की खाक छानी थी और सुजीत का पता बताने वाले के लिए इनाम की घोषणा भी की थी।
क्या है पूरा मामला?
सुजीत दास मूल रूप से पश्चिम बंगाल के दक्षिण दिनाजपुर जिले के हिली बैकुंठपुर का निवासी है। वह मुजफ्फरपुर के ब्रह्मपुरा थाना क्षेत्र में मजदूरी करता था, जहाँ से वह अचानक लापता हो गया। सुजीत की माँ, शेफाली ने ब्रह्मपुरा थाने में बेटे के अपहरण की आशंका जताते हुए प्राथमिकी दर्ज कराई थी। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उस वक्त ठेकेदार के मुंशी को हिरासत में लेकर जेल भेज दिया था।
अंतरराज्यीय छापेमारी और पोस्टर वार:मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला पुलिस की विशेष टीम गठित की गई थी। पुलिस ने सुजीत की तलाश में *उत्तर प्रदेश, झारखंड, पश्चिम बंगाल और नेपाल* के कई ठिकानों पर छापेमारी की, लेकिन कोई सुराग हाथ नहीं लगा। हार मानकर पुलिस ने मुजफ्फरपुर शहर में जगह-जगह सुजीत के लापता होने के पोस्टर लगवाए और सूचना देने वाले को उचित इनाम देने का ऐलान किया।
पुणे में मिला सुराग
अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (नगर क्षेत्र-2) *बिनीता सिन्हा* ने बताया कि 26 नवंबर 2020 को इस संबंध में अपहरण का मामला दर्ज किया गया था। हाल ही में सुजीत के एक ग्रामीण ने उसे पुणे में देखा और इसकी सूचना सुजीत के गृह थाने को दी। बिहार पुलिस ने बंगाल पुलिस के साथ समन्वय स्थापित किया और पुणे में छापेमारी कर उसे बरामद कर लिया।
कैसे पहुँचा पुणे
जांच में यह बात सामने आई है कि मुजफ्फरपुर से निकलने के बाद सुजीत पटना गया और वहां से सीधे पुणे चला गया। पिछले छह सालों से वह पुणे में एक *कॉन्ट्रैक्ट लेबर* के रूप में काम कर रहा था। पुलिस फिलहाल इस बिंदु पर जांच कर रही है कि वह अपनी मर्जी से वहां गया था या उसे किसी दबाव में वहां रखा गया था। पुलिस ने सुजीत को मुजफ्फरपुर लाकर न्यायालय में उसका बयान दर्ज कराया है। इस बरामदगी के बाद पुलिस अब मामले के अन्य पहलुओं और मुंशी की संलिप्तता की गहराई से जांच कर रही है।