1st Bihar Published by: Viveka Nand Updated Feb 17, 2026, 6:57:36 PM
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Vigilance Action in Bihar: बिहार में भ्रष्ट अफसरों में जेल जाने की प्रतियोगिता चल रही है. आगे-आगे वरीय अधिकारी हवालात पहुंचे, पीछे से प्रभार संभालने वाले उनके जूनियर भी रिश्वत लेते गिरफ्तार हो गए और अपने बड़े साहब के पास जेल में पहुंच गए. मामला कृषि विभाग से जुड़ा है जहां डेढ़ महीने पहले जिला कृषि पदाधिकारी रिश्वतखोरी के आरोप में जेल गए, इसके बाद प्रभारी जिला कृषि पदाधिकारी भी घूस लेते पकड़े गए और हवालात पहुंच गए हैं. साहब को निगरानी ब्यूरो ने पकड़ा तो उनसे एक कुर्सी नीचे वाले को विशेष निगरानी ने गिरफ्तार किया.
प्रभारी जिला कृषि पदाधिकारी 50 हजार लेते अरेस्ट
मुजफ्फरपुर जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ विशेष निगरानी इकाई (SVU) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए प्रभारी जिला कृषि पदाधिकारी हिमांशु कुमार और ड्राइवर रामबाबू राय को रंगे हाथ गिरफ्तार किया है. विशेष निगरानी इकाई ने बताया है कि प्रभारी जिला कृषि पदाधिकारी सभी खाद दुकानदारों से सीजन में 2.5 लाख रू रिश्वत मांग रहे थे. इसके बाद मुजफ्फरपुर के ही एक खाद दुकानदार संजीत कुमार ने एसवीयू में प्रभारी जिला कृषि पदाधिकारी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई. जिसमें कहा गया कि प्रति दुकान 1 लाख रू से कम पर डीएओ तैयार नहीं हो रहे. पैसा नहीं देने पर लाइसेंस रद्द करने की धमकी दे रहे. इसके बाद जांच की गई. एसवीयू ने धावा दल का गठन किया. प्रभारी डीीओ हिमांशु कुमार अपने ड्राइवर के माध्यम से खाद दुकानदार से 50 हजार की घुस ले रहे थे. इसके बाद एसवीयू ने रिश्वत लेते दोनों को गिरफ्तार कर लिया.
जनवरी में जिला कृषि पदाधिकारी हुए थे गिरफ्तार
इसके पहले 3 जनवरी 2026 को मुजफ्फरपुर के जिला कृषि पदाधिकारी सुधीर कुमार को 19 हजार रू रिश्वत लेते गिरफ्तार किया था. बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने एक बड़ी कार्रवाई की थी. निगरानी की टीम ने मुजफ्फरपुर के जिला कृषि पदाधिकारी (DAO) सुधीर कुमार को उनके निजी आवास से 19,000 रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया था. सुधीर कुमार तब परियोजना निदेशक (आत्मा) और सहायक निदेशक (शस्य), तिरहुत प्रमंडल का अतिरिक्त प्रभार में भी थे. गिरफ्तार करने के बाद डीएओ सुधरी कुमार को जेल भेज दिया गया था. गिरफ्तारी के बाद इनके पटना आवास की तलाशी ली गई गई थी, जहां से नदकद व गहने मिले थे. साथ ही लॉकर का पता चला था. लॉकर खोलने पर लगभघ 1 करोड़ रू मूल्य के गहने बरामद हुए थे.