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Bihar Bhumi: 'कलेक्टर' के पास अपार शक्ति...लोकहित मेंं करें प्रयोग, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के प्रधान सचिव ने 6 जिलों के DM से क्यों कहा ? जानें..

Bihar Bhumi News: राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने रक्षा मंत्रालय की जमीन से अतिक्रमण हटाने के लिए अभियान शुरू किया है। प्रधान सचिव सी.के. अनिल ने पटना समेत 6 जिलों के डीएम को 31 मार्च 2026 तक कार्रवाई कर रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है।

1st Bihar Published by: Viveka Nand Updated Feb 14, 2026, 1:40:29 PM

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Bihar Bhumi: सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटाने को लेकर सरकार तत्पर है. राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने सरकारी भूमि को अतिक्रमणमुक्त कराने का अभियान शुरू किया है. इस संबंध में सभी समाहर्ताओं को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं. सरकार ने कहा कि सभी समाहर्ता को अपार शक्ति दी गई है..लोकहित में उस पावर का प्रयोग करें. रक्षा मंत्रालय की भूमि पर भी भू माफिया कब्जा जमा कर बैठे हैं. सरकार ने छह जिलों के डीएम से कहा है कि 31 मार्च तक उक्त भूमि से अतिक्रमण हटाकर रिपोर्ट दें. 

6 जिलों के समाहर्ताओं को पत्र लिखा...

राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के प्रधान सचिव सी.के. अनिल ने 6 जिलों के समाहर्ताओं को पत्र लिखा है.जिसमें कहा गया है की रक्षा मंत्रालय की भूमि को अतिक्रमण से बचने के लिए अभियान चलाएं .दाखिल खारिज कर डिफेंस लैंड को अतिक्रमण से बचाएं. पटना, रोहतास, कैमूर, गया, मुजफ्फरपुर एवं गोपालगंज के जिलाधिकारी को भेजे पत्र में राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के प्रधान सचिव सी.के. अनिल ने कहा है कि 6 जिलों के समाहर्ता से अपेक्षा है की रक्षा संबंधी भूमि से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई 5 मार्च 2026 के बाद शुरू करें. 15 दिनों की नोटिस निर्गत करने के बाद अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई करें.

कलेक्टर के पास अपार शक्ति..लोकहित में करें प्रयोग

सरकार ने कहा है कि लोक भूमि के संबंध में समाहर्ता को विधायिका ने अपार शक्ति दी है. ऐसे में समाहर्ता इस शक्ति का प्रयोग करें, इसकी अपेक्षा की जाती है . राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के प्रधान सचिव ने कहा है की रक्षा मंत्रालय की जमीन का अमीन से मापी कराकर चिन्हित करें. उसमें रेलवे भूमि की तरह पिलर लगाने का खर्च संबंधित मंत्रालय करेगा. ऐसा करने से भूमि पर दुबारा अतिक्रमण नहीं हो पाएगा. साथ ही रक्षा मंत्रालय की भूमि की लंबित दाखिल खारिज को प्राथमिकता के आधार पर निष्पादित करें. अभी भी कई मामले लंबित हैं ,जिसे शीघ्र निपटारे की जरूरत है . सरकार ने सभी समाहर्ताओं से कहा है कि 31 मार्च 2026 तक रक्षा मंत्रालय की भूमि से अतिक्रमण हटाकर इसकी रिपोर्ट दें, ताकि भारत सरकार को रिपोर्ट भेजी जा सके.