Bihar Board exam 2026 : बिहार बोर्ड मैट्रिक-इंटर परीक्षा 2026, प्रवेश समय को लेकर सख्त निर्देश, देर से आने वालों को नहीं मिलेगा मौका

Bihar Board exam 2026 : बिहार बोर्ड ने मैट्रिक और इंटर वार्षिक परीक्षा 2026 के लिए प्रवेश संबंधी महत्वपूर्ण निर्देश जारी कर दिए हैं। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा शुरू होने से एक घंटे पहले ही परीक्षार्थियों को केंद्र में प्रवेश मिलेगा और परीक्षा

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Sun, 25 Jan 2026 08:42:34 AM IST

Bihar Board exam 2026 : बिहार बोर्ड मैट्रिक-इंटर परीक्षा 2026, प्रवेश समय को लेकर सख्त निर्देश, देर से आने वालों को नहीं मिलेगा मौका

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Bihar Board exam 2026 : बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) ने वर्ष 2026 की वार्षिक मैट्रिक और इंटरमीडिएट परीक्षाओं को लेकर परीक्षार्थियों के लिए महत्वपूर्ण और सख्त निर्देश जारी किए हैं। समिति ने स्पष्ट कर दिया है कि परीक्षा केंद्र में प्रवेश को लेकर किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। परीक्षा शुरू होने से ठीक एक घंटा पहले परीक्षार्थियों को केंद्र में प्रवेश करना अनिवार्य होगा, जबकि मुख्य द्वार परीक्षा शुरू होने से आधे घंटे पहले बंद कर दिया जाएगा। इसके बाद आने वाले परीक्षार्थियों को किसी भी परिस्थिति में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी।


बिहार बोर्ड द्वारा जारी सूचना के अनुसार, इंटरमीडिएट वार्षिक परीक्षा 2 फरवरी से 13 फरवरी 2026 तक आयोजित की जाएगी, जबकि मैट्रिक (माध्यमिक) वार्षिक परीक्षा 17 फरवरी से 25 फरवरी 2026 के बीच होगी। इन दोनों परीक्षाओं में राज्य भर से लाखों छात्र-छात्राएं शामिल होंगे। ऐसे में बोर्ड परीक्षा के सुचारू, निष्पक्ष और कदाचारमुक्त संचालन को लेकर पूरी तरह सतर्क है।


प्रवेश समय को लेकर क्या हैं निर्देश

बोर्ड के निर्देशों के अनुसार, पहली पाली की परीक्षा सुबह 9:30 बजे शुरू होगी। इसमें शामिल होने वाले परीक्षार्थियों को सुबह 8:30 बजे से परीक्षा केंद्र में प्रवेश की अनुमति दी जाएगी। हालांकि, परीक्षा केंद्र का मुख्य द्वार सुबह 9 बजे बंद कर दिया जाएगा। इसके बाद आने वाले किसी भी परीक्षार्थी को प्रवेश नहीं मिलेगा।


इसी तरह, दूसरी पाली की परीक्षा दोपहर 2 बजे से शुरू होगी। इस पाली के परीक्षार्थियों को दोपहर 1 बजे से परीक्षा केंद्र में प्रवेश करने की अनुमति होगी। परीक्षा केंद्र का मुख्य द्वार दोपहर 1:30 बजे बंद कर दिया जाएगा। बोर्ड ने दो टूक शब्दों में कहा है कि निर्धारित समय के बाद आने वाले परीक्षार्थियों को किसी भी हाल में अंदर नहीं जाने दिया जाएगा और परीक्षा से वंचित होने की पूरी जिम्मेदारी स्वयं परीक्षार्थी की होगी।


छात्रों और अभिभावकों से अपील

बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने सभी परीक्षार्थियों, उनके अभिभावकों, विद्यालय प्रधानों, परीक्षा केंद्राधीक्षकों तथा परीक्षा कार्य में लगे पदाधिकारियों और कर्मचारियों से जारी निर्देशों का सख्ती से पालन करने की अपील की है। बोर्ड का कहना है कि समय पर परीक्षा केंद्र पहुंचने से न केवल छात्रों का तनाव कम होगा, बल्कि परीक्षा का संचालन भी शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से किया जा सकेगा। बोर्ड ने अभिभावकों से भी आग्रह किया है कि वे अपने बच्चों को समय से पहले घर से निकलने के लिए प्रेरित करें, ताकि ट्रैफिक, मौसम या किसी अन्य कारण से देर होने की स्थिति न बने।


सुरक्षा और कदाचार पर सख्ती

हर साल बिहार बोर्ड परीक्षा में कदाचार को लेकर सख्त कदम उठाता रहा है। इस बार भी परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जाएंगे। सीसीटीवी कैमरे, दंडाधिकारी और पुलिस बल की तैनाती के साथ-साथ प्रवेश समय को लेकर यह सख्ती उसी कड़ी का हिस्सा मानी जा रही है। बोर्ड का उद्देश्य है कि परीक्षा पूरी तरह पारदर्शी और नकलमुक्त तरीके से संपन्न हो।


कितने केंद्र, कितने परीक्षार्थी

मैट्रिक की सैद्धांतिक परीक्षा 17 से 25 फरवरी 2026 तक आयोजित होगी। इस परीक्षा में राज्य भर से कुल 15 लाख 12 हजार 963 परीक्षार्थी शामिल होंगे। इनके लिए 1,699 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। वहीं, इंटरमीडिएट वार्षिक परीक्षा में कुल 13 लाख 17 हजार 846 परीक्षार्थी शामिल होंगे। इस परीक्षा के लिए पूरे बिहार में 1,762 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। इतनी बड़ी संख्या में परीक्षार्थियों के शामिल होने के कारण बोर्ड किसी भी तरह की अव्यवस्था से बचने के लिए पहले से ही कड़े निर्देश जारी कर रहा है।


समय की पाबंदी ही सफलता की कुंजी

शिक्षाविदों का मानना है कि बोर्ड द्वारा जारी यह निर्देश छात्रों में अनुशासन और समय प्रबंधन की आदत को भी मजबूत करेगा। परीक्षा जैसे महत्वपूर्ण अवसर पर समय की पाबंदी न केवल परीक्षा में बैठने के लिए जरूरी है, बल्कि भविष्य के लिए भी एक अहम सीख है।


कुल मिलाकर, बिहार बोर्ड की ओर से जारी ये निर्देश छात्रों के हित में हैं। यदि परीक्षार्थी इनका सही तरीके से पालन करते हैं, तो न केवल वे परीक्षा से वंचित होने के खतरे से बचेंगे, बल्कि शांत माहौल में बेहतर प्रदर्शन भी कर सकेंगे।